जयपुर में लगी रेलवे की त्वरित न्याय अदालत

एक दिन,9 फैसले,60 लाख की राहत
-घायल को मरहम,आश्रित को सहारा,बंटा 59.90 लाख का मुआवजा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जयपुर में लगी रेलवे की त्वरित न्याय अदालत। तारीख थी 17 मई 2026,जगह रेल दावा अधिकरण जयपुर पीठ। जहां लगी लोक अदालत ने साबित कर दिया कि इंसाफ में देर हो सकती है,अंधेर नहीं। एक ही दिन में 9 परिवारों की आंखों का इंतजार खत्म हुआ और हाथों में आई 59 लाख 90 हजार की राहत।

जोधपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा का डिजिटल पहरा

ट्रेन हादसे में घायल हुए 4 यात्रियों को 19.90 लाख रुपये मिले,ताकि जख्मों के साथ जिंदगी की गाड़ी फिर पटरी पर आ सके। 5 मृतक यात्रियों के आश्रितों को 40 लाख रुपये का मुआवजा मिला,एक कोशिश कि अपनों को खोने का दर्द कुछ कम हो सके।

कोर्ट रूम में नहीं,सहमति से हुआ इंसाफ
खास बात ये रही कि न लंबी बहस,न तारीख पे तारीख। सदस्य(न्यायिक) राजीव जैन और सदस्य (तकनीकी) जीएस हीरा की बेंच के सामने अधिवक्ता राजेश पंडा, मनमोहन गुप्ता,चंद्रशेखर गोयल,रविन्द्र मोहन गोयल, मांगीलाल चौधरी, विकास चौहान व अमन अग्रवाल ने तुरंत हां भरी।

उधर रेलवे के प्रस्तुतकर्ता अधिकारी महेश चंद जेवलिया और अधिवक्ता टीकम चंद शर्मा, खेमचंद शर्मा,अरविंद कुमार पारीक,जंगबहादुर खान व मोहनलाल रोलानिया की टीम ने भी केस सुलझाने में देर नहीं की। अपर रजिस्ट्रार शक्ति बाली और सहायक रजिस्ट्रार वीणा सानी की टीम ने कागजों पर मुहर लगाई और मिनटों में फैसला हकीकत बन गया।

रेल की रफ्तार से मिला इंसाफ
लोक अदालत ने बता दिया कि जब नीयत साफ हो,तो न्याय के लिए सालों नहीं लगते।