लोकानुरंजन मेले से व्यास का नाम हटाना अपमान-बिनाका

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),पूर्व मुख्यमंत्री और लोकनायक स्व.जयनारायण व्यास की स्मृति में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित किये जा रहे वार्षिक लोकानुरंजन मेले से इस बार के आयोजन से जयनारायण व्यास का नाम हटा दिया गया है जो राष्ट्र सेनानियों का सीधा अपमान है। यह बात राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की पूर्व अध्यक्ष भिनक मालू ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही।

मालू ने कहा कि स्व.जयनारायण व्यास राजनीतिज्ञ होने के साथ लोक कलाओं के समर्पित और रचनात्मक व्यक्तित्व थे। वे स्वयं पारंपरिक गीतों का गायन,वादन व नृत्य करते थे। उन्होंने लोक कलाओं के माध्यम से स्वाधीनता आंदोलन में चेतना जागरण का प्रभावी कार्य किया था।

भिनक ने खा की व्यास की कला योगदान की यादों के चिर स्मरण व प्रेरणा स्वरूप कला स्थल के रूप में टाउनहॉल का नामकरण भी उन्ही के नाम रखा गया था। तत्पश्चात अकादमी के तात्कालिक अध्यक्ष रमेश बोराणा ने व्यास की जन्म तिथि 18 फ़रवरी 2000 में उन्हीं को समर्पित पहली बार लोकानुरंजन मेले की शुरुआत की थी। यह तय किया गया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष उन्हीं के नाम से किया जाएगा।

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मालू ने कहा मैंने तो अपने कार्यकाल में इस मेले को राष्ट्रीय रूप देते हुए वृहद स्तर पर अशोक उधान में आयोजित करने की शुरुआत की थी,जिसको एक लाख से अधिक दर्शकों ने देखा व सराहा था। ऐसे राष्ट्रीय आयोजन से महान स्वतंत्रता सेनानी का नाम हटाना दुःखद तो है ही दुष्प्रयास भी है।

उन्होंने कहा मैं अकादमी व प्रशासन के जिम्मेदारों से मांग करती हूँ कि वे अविलंब अपनी गलती को सुधारे और क्षमा के साथ जयनारायण व्यास का नामोल्लेख जोड़े।