गोकुल गोस्वामी का निधन

श्रद्धांजलि

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),गोकुल गोस्वामी का निधन।सरल व्यक्तित्व और अनेक प्रतिभाओं के धनी गोकुल गोस्वामी सोमवार 16मार्च सुबह स्वर्गीय हो गए। गोकुल गोस्वामी 2013 में आकाशवाणी जयपुर से विज्ञापन प्रसारण सेवा के प्रमुख के रूप में सेवानिवृत हुए। मूलरूप से बीकानेर निवासी गोकुल गोस्वामी ने कार्यक्रम प्रभाग में ट्रांसमिशन एक्जीक्यूटिव के रूप में काम करना शुरू किया था। वे लेखनी के धनी थे। उनके लिखे कई रेडियो नाटक आज भी प्रसारित होते हैं। रूपकों में एक अद्भुत रूपक जो उन्होंने 40 भाषाओं में तैयार किया था,वह था “आषाढ़स्य प्रथम दिवसे” कालिदास की अनुपम कृति मेघदूतम पर आधारित इस रूपक में 40 बोलियों और भाषाओं में श्लोकों के पदों को गाया गया था।

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मै उनके साथ सहायक प्रोड्यूसर था। इस रूपक की परिकल्पना विजय दीक्षित की थी,जो उस समय आकाशवाणी जोधपुर में केंद्र निदेशक थे। यह बात 1988 की है। इसी प्रकार “माटी के स्वर” की रूपकात्मक उनके प्रोडक्शन का दूसरा कांगूरा था। उनके कार्यकाल में विज्ञापन प्रसारण सेवा ने राजस्व अर्जनके क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया था। गोकुल गोस्वामी ने आकाशवाणी जयपुर,बीकानेर, सूरतगढ़,जोधपुर,अलवर और विज्ञापन प्रसारण सेवा जयपुर में सेवाएं दी थी। बीच वे कुछ वर्षों प्रेस इनफार्मेशन ऑफिसर के रूप में पत्र सूचना कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर भी रहे।

वे दीन दुखियों के प्रति बहुत ही संवेदनशील थे। गायों की सेवा करना,चारापानी का प्रबंध करना उनकी आस्था से जुड़ा कार्य था। ध्यान मार्ग में वे रामचंद्र मिशन से जुड़े हुए थे। ऐसे धर्म ध्यानी और कर्मठ व्यक्ति का हमारे बीच से जाना पीड़ा दायक है लेकिन जीवन का सत्य भी तो यही है, आया है सो जाएगा राजा रंक फ़कीर…। ईश्वर उन्हें पुनर्जन्म से मुक्ति दे और परिजनों को ढाढ़स.. हरि स्मरण.. ॐ शांति।। शांति।। शांति।। नमन।
-पार्थसारथि थपलियाल
16 मार्च 2026