अमेरिका से लौटी सेनू सपेरा का जोधपुर में सम्मान
अंतरराष्ट्रीय कालबेलिया कलाकार है सेनू सपेरा
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अमेरिका से लौटी सेनू सपेरा का जोधपुर में सम्मान। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थानी लोक कला और कालबेलिया संस्कृति को पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध लोक कलाकार सेनू सपेरा के भारत सरकार की ओर से अमेरिका में गणतंत्र दिवस समारोह में प्रस्तुति दे कर जोधपुर लौटने पर जोधपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अपने चेंबर में सम्मानित किया।
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यह सम्मान उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिया जाना था,लेकिन भारत सरकार की ओर से अमेरिका में गणतंत्र दिवस समारोह में प्रस्तुति देने के कारण वे उस समय उपस्थित नहीं हो सकीं। अमेरिका से लौटने के बाद जिला कलेक्टर कार्यालय में यह सम्मान प्रदान किया गया।
इसे संयोग कहें या फिर वर्षों के संघर्ष और साधना का परिणाम कि जिस समय सेनू सपेरा अमेरिका में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजस्थानी लोक कला और कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति दे रही थीं,उसी समय जोधपुर और फलोदी दोनों जिलों में उनके सम्मान के लिए उनका नाम मंच से पुकारा जा रहा था। गणतंत्र दिवस पर एक साथ दो जिलों में सम्मान मिलने से उन्हें दोहरी खुशी मिली।
सेनू सपेरा की कर्मभूमि जोधपुर और जन्मभूमि फलोदी दोनों स्थानों पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया। फलोदी जिले में यह सम्मान विधायक पब्बा राम बिश्नोई की अनुशंसा पर कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा प्रदान किया गया,जिसे सेनू सपेरा की ओर से सुमन कालबेलिया ने ग्रहण किया। जोधपुर में राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत की अनुशंसा पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल द्वारा सम्मानित किया जाना प्रस्तावित था,लेकिन अमेरिका में होने के कारण यह सम्मान बाद में दिया गया।
सोमवार को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने अपने चेंबर में सेनू सपेरा को सम्मानित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेंद्र सिंह राजपुरोहित तथा सामान्य प्रशासन विभाग के चंद्र प्रकाश गुर्जर भी उपस्थित थे। पारंपरिक कालबेलिया नृत्य में पारंगत सेनू सपेरा देश-विदेश में राजस्थान की लोक कला का परचम लहरा रही हैं। वे विश्व के अनेक देशों में कालबेलिया नृत्य का प्रशिक्षण भी दे चुकी हैं और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रही हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद सेनू सपेरा ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे पावन राष्ट्रीय पर्व पर कर्मभूमि जोधपुर और जन्मभूमि फलोदी में जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाना उनके लिए अत्यंत गर्व और अपार हर्ष का विषय है। उन्होंने बताया कि वे उस समय सेंट्रल अमेरिका के ग्वाटेमाला में रहकर राजस्थानी लोक कला और संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रही थीं।
विदेश की धरती पर राजस्थान की कला,संस्कृति और विरासत को प्रस्तुत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।अमेरिका मे सेनू सपेरा के अलावा अलसी सपेरा,पिंटू कालबेलिया,दिलीप नाथ कालबेलिया,ओमनाथ कालबेलिया, गोविंद सोलंकी,क़ासम खान,साबिर खान,अलाउद्दीन खान और अयूब खान शामिल थे।
गौरतलब है कि सेनू सपेरा का जन्म जोधपुर जिले के ओसियां क्षेत्र के पली गांव में हुआ था,जो अब नए जिले के गठन के बाद फलोदी जिले में शामिल हो गया है। वर्तमान में जोधपुर में निवास करने के कारण उनका गृह जिला जोधपुर है। किसी एक प्रतिभा का एक साथ दो जिलों में सम्मान के लिए चयन होना और सम्मानित किया जाना जिले के इतिहास में पहली बार हुआ है।
