Doordrishti News Logo

विकसित भारत की संकल्पना का शैक्षिक गन्तव्य है शिक्षा अधिष्ठान बिल-प्रो.पीके शर्मा

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल- 2025 पर परिसंवाद आयोजन

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भारतीय शिक्षण मण्डल के तत्वावधान में लघु उद्योग भारती जोधपुर के सभागार में विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल- 2025 पर परिसंवाद आयोजन हुआ।भारतीय शिक्षण मंडल के रविन्द्र सिंह खुडियाला ने बताया कि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रो.पवन कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस परिसंवाद में आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरु प्रो. गोविन्द शुक्ला,बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.अखिल रंजन गर्ग,राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरु प्रो.वीएस जैतावत तथा निफ्ट जोधपुर के निदेशक प्रो.जीएचएस प्रसाद ने इस बिल पर अपने विचार साझा किए।

शिक्षा अधिष्ठान बिल पर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में प्रो.रामसिंह आढा, प्रो.अरुण व्यास,प्रो.सतीश कुमार हरित,प्रो.ज्ञानसिंह शेखावत,प्रो. सुशील सारस्वत ने बिन्दुवार अपने विचार प्रकट किए। परिसंवाद की अध्यक्षता करते हुए प्रो.पवन कुमार शर्मा ने कहा कि यह बिल विकसित भारत की संकल्पना को उच्च शिक्षा में शैक्षिक गन्तव्य के रूप में पूर्ण करने का व्यावहारिक कदम होगा।

प्रो.अखिल रंजन गर्ग ने बताया कि इसमें यूजीसी,एआईसीटीई और एनसीटीई जैसे संस्थानों का एकीकरण ही नहीं अपितु इसमें उत्कृष्टता के साथ जनहित भावना का मॉडल भी है। प्रो.वीएस जैतावत ने उच्च शिक्षा में भविष्य की शिक्षा की संकल्पना हो इसके लिए यह एक सकारात्मक पहल है।

प्रो.गोविन्द शुक्ला ने कहा कि यह बिल उच्च शिक्षा में भारतीय जीवन मूल्यों तथा शिक्षा से संस्कार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के चिंतन का व्यावहारिक रूप है। निफ्ट जोधपुर के निदेशक प्रो. जीएचएस प्रसाद ने शैक्षिक गुणवता के लिए इसकी संरचना और उद्देश्य में निहित मानकों को भारतीय शिक्षा के विश्वव्यापी प्रभाव का संकेत बताया। विशेषज्ञ वक्ता के रूप में प्रो.रामसिंह आढा ने धारणीय विकास की अवधारणा को साकार करने के साथ नेप-2020 को सरल तथा सुदृढ़ करने का प्रयास बताया।

प्रो.अरुण व्यास ने उच्च शिक्षा में नए मानदण्डों के साथ संस्थानों में बदलाव की रचनात्मक आवश्यकता बताया,प्रो.सतीश कुमार हरित तथा ज्ञान सिंह शेखावत ने शिक्षा अधिष्ठान बिल के घटक के साथ कार्यप्रणाली की विधि और चुनौतियों को स्पष्ट किया। प्रो. सुशील सारस्वत ने बिल को लोकल की ग्लोबल यात्रा की नई जरूरत बताया तथा इस पर अपने सुझाव साझा किए। परिसंवाद के संयोजक प्रो. कृष्णावतार गोयल ने अतिथि परिचय के साथ परिसंवाद की रूपरेखा प्रस्तुत की।

कृषि विज्ञान मेला 14 से

भारतीय शिक्षण के जोधपुर प्रान्त मंत्री चण्डीदान चारण ने अतिथि स्वागत के साथ शिक्षण मण्डल की चिंतन प्रक्रिया को सामने रखा। प्रो.कैलाश कौशल ने अतिथियों का आभार अभिनंदन प्रस्तुत किया। एम्स जोधपुर से डॉ.प्रतिभा सिंह ने भी अपने विचार प्रकट किए।

परिसंवाद के सह समन्वयक डॉ.चन्द्रवीर सिंह भाटी और डॉ. प्रकाशदान के साथ भारतीय शिक्षण मण्डल के दायित्ववान कार्यकर्ता दिनेश कुमार,डॉ.पूनम सोनी, प्रियंका शर्मा,डॉ.विष्णु, अभिषेक,सूर्यभान सिंह और शहर के निजी महाविद्यालयों के प्रभारी रूप में डॉ.ज्योत्स्ना व्यास,डॉ.संध्या शुक्ला,डॉ.अभिजीत के साथ शहर के बौद्धिकजनों की उपस्थिति रही।

Related posts: