छह दिन से पुलिस गुत्थी सुलझाने में जुटी, सबूतों से छेड़छाड़ का संदेह गहराया
- प्रेम बाईसा मृत्यु प्रकरण
- मौत बनी पहेली
- हत्या या आत्महत्या अथवा कोई और कारण
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),छह दिन से पुलिस गुत्थी सुलझाने में जुटीं, सबूतों से छेड़छाड़ का संदेह गहराया। शहर में पाल स्थित अमर नगर आश्रम में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच पोस्ट मार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट आने तक अटकी गई है। बार-बार एक ही बात सामने आ रही है कि इंजेक्शन लगने से तबियत बिगड़ी।
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साध्वी के पिता भी यही बात बार- बार कह रहे हैं। हालांकि अभी तक मौत के कारणों का पूरा खुलासा नहीं हो पाया है। इधर जांच में यह भी सामने आ रहा है कि पाल के आरती नगर स्थित आश्रम से सबूत मिटा दिए गए है। इसको लेकर जांच प्रभावित हो रही है। मामला पहेली सा बना है। यह हत्या है अथवा आत्महत्या या फिर कोई और कारण। फिलहाल पुलिस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। किसी को क्लीनचिट भी नहीं दी गई है।
उल्लेखनीय है कि पाल स्थित अमर नगर में आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के कारणों का छह दिन बाद भी खुलासा नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम के बाद सुरक्षित किया गया विसरा सोमवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार विसरा रिपोर्ट इसी सप्ताह मिलने की उम्मीद है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि जांच में जहर की पुष्टि होती है तो पुलिस इसे हत्या मानते हुए गहन आपराधिक जांच शुरू करेगी।
इससे पहले एफएसएल की टीम ने 29 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा के आश्रम का मौका मुआयना किया था। इसके बाद एक फरवरी को टीम ने दोबारा आश्रम पहुंचकर जांच की,लेकिन अब तक कोई ठोस साक्ष्य हाथ नहीं लगे हैं। जानकारों का कहना है कि घटना स्थल से संभावित सबूत पहले ही नष्ट कर दिए गए हैं, जिससे जांच एजेंसियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
जांच में कई बिंदू शामिल
पुलिस जांच इस समय कई बिंदुओं पर केंद्रित है,इंजेक्शन का रिएक्शन या भोजन में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट। एफएसएल की रिपोर्ट से ही मौत के वास्तविक कारण का खुलासा होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस,एसआईटी और एफएसएल की पूरी नजर विसरा जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
पहली बार सामने आया कंपांउडर :-
जिस कंपाउंडर ने साध्वी प्रेम बाईसा को इंजेक्शन लगाए थे, सोमवार को वह पहली बार मीडिया के सामने आया। मथुरादास माथुर अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर देवी सिंह राजपुरोहित ने बातचीत में कहा कि साध्वी को सांस लेने में दिक्कत थी। आश्रम से कॉल आने पर इंजेक्शन लगाने के लिए गया था। डॉक्टर ने पर्ची में जो इंजेक्शन लिखे थे,वही लगाए थे। इंजेक्शन लगाने के बाद आश्रम से निकल गया था। उसने प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन लगाए थे।
राजपुरोहित ने बताया कि पहले भी दो बार डॉक्टर की लिखी पर्ची के आधार पर साध्वी प्रेम बाईसा को दवाई दी थी। उनका प्रेक्षा हॉस्पिटल से पहले से ट्रीटमेंट चल रहा था। पुरानी पर्ची पर डॉक्टर ने जो इंजेक्शन लिखे हुए थे,वही मैंने लगाए थे।
