राज्य बजट: जेआईए ने सांसद राजेन्द्र गहलोत को सौंपे सुझाव
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),राज्य बजट: जेआईए ने सांसद राजेन्द्र गहलोत को सौंपे सुझाव। राजस्थान के आगामी राज्य बजट को लेकर जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (जेआइए)ने राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत को एक विस्तृत सुझाव पत्र सौंपा। इस पत्र में राज्य के औद्योगिक विकास,आईटी सेक्टर के विस्तार,कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन,जल संरक्षण,मेडिकल डिवाइस उद्योग,खनिज आधारित क्षेत्रों तथा ग्रामीण विद्युतीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव शामिल किए गए हैं।इस दौरान जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया के साथ निवर्तमान अध्यक्ष एनके जैन एवं सचिव सोनू भार्गव भी उपस्थित थे।
जेआईए अध्यक्ष अनुराग लोहिया ने कहा कि राजस्थान वर्तमान में विकास के एक निर्णायक चरण में है,जहाँ बजट में किए जाने वाले दूरदर्शी एवं संतुलित प्रावधान राज्य में निवेश को बढ़ावा देने,बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करने तथा क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने में सहायक सिद्ध होंगे। एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत सुझाव पत्र में राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIIPS) के अंतर्गत कंटेनर सब्सिडी सभी पात्र कंटेनर डिपो को देने तथा कैपेक्स सब्सिडी को दीर्घ अवधि में देने के बजाय शीघ्र जारी करने का सुझाव दिया गया है,जिससे उद्योगों की वित्तीय स्थिति मजबूत हो और निवेशकों का विश्वास बढ़े।
इसके साथ ही एसोसिएशन ने राइजिंग राजस्थान योजना के अंतर्गत दूरस्थ एवं अविकसित औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को ध्यान में रखते हुए उत्पादन शुरू करने की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने तथा पेनल्टी दर को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.25 प्रतिशत करने की भी मांग की है।
इसके अतिरिक्त एसोसिएशन द्वारा कृषि आधारित उद्योगों पर लगने वाले मंडी टैक्स एवं कृषक कल्याण शुल्क को समाप्त अथवा न्यूनतम करने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे राजस्थान में उद्योगों का पलायन रुकेगा,किसानों की आय बढ़ेगी तथा स्थानीय रोजगार सुरक्षित रहेगा।
सचिव सोनू भार्गव ने बताया कि अभ्यावेदन में आईटी सेक्टर को गति देने के लिए एसोसिएशन ने आंध्र प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में आईटी हब विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। जेआईए के अनुसार जोधपुर में आईआईटी,एम्स, डीआरडीओ,निफ्ट एवं एमबीएम विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की उपलब्धता के कारण यहाँ आईटी हब स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके साथ ही आईटी पार्क फेज–2 को प्लग एंड ऑपरेट मॉडल पर विकसित करने हेतु बजटीय प्रावधान की मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने खनिज आधारित उद्योगों के लिए ग्रामीण एवं खनिज क्षेत्रों में विद्युत अवसंरचना को सुदृढ़ करने,नए सबस्टेशन,ट्रांसमिशन लाइन एवं फीडर क्षमता बढ़ाने हेतु विशेष बजटीय प्रावधान की आवश्यकता बताई,जिससे उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
निवर्तमान अध्यक्ष एनके जैन ने बताया कि अभ्यावेदन में मेडिकल डिवाइस एवं उन्नत विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मेडिकल डिवाइस पार्क में कॉमन टेस्टिंग फैसिलिटी (CTF) की स्थापना, अतिरिक्त पूंजी एवं ब्याज सब्सिडी तथा राज्य स्तर पर पीएलआई योजना लागू करने का सुझाव भी दिया गया है। जेआईए ने अभ्यावेदन में जल संरक्षण को रणनीतिक प्राथमिकता बताते हुए राज्यव्यापी “तालाब एवं जोहड़ पुनर्जीवन मिशन-राजस्थान”, उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग तथा “एक जिला-एक मॉडल जलाशय” योजना लागू करने की मांग की है।
इसके अतिरिक्त,डीएलसी दरों एवं कन्वर्जन चार्ज को चरणबद्ध रूप से लागू करने तथा डीएलसी दरों को 15 वर्षों के लिए स्थिर रखने का सुझाव दिया गया है,जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक स्पष्टता और स्थायित्व मिल सके। जेआईए पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि इन सुझावों को राज्य बजट में सम्मिलित किया जाता है, तो राजस्थान औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और जल-जलवायु संतुलन के क्षेत्र में नई दिशा और गति प्राप्त करेगा।
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राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत ने जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए सभी बिंदुओं पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों के समग्र विकास,निवेश संवर्धन,रोजगार सृजन तथा जल एवं ऊर्जा जैसे बुनियादी क्षेत्रों को सशक्त बनाने के लिए राज्य बजट में प्रभावी प्रावधान किए जाने का प्रयास किया जाएगा।
गहलोत ने जेआईए के सुझावों को राज्य सरकार एवं संबंधित मंत्रालयों के समक्ष रखने तथा उन्हें बजट प्रक्रिया में सम्मिलित कराने हेतु हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
