सहायक अभियंता सहित तीन गिरफ्तार
- फतेहगढ़ विद्युत चोरी मामला
- जोधपुर डिस्कॉम सतर्कता पुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),फतेहगढ़ में फर्जी बिजली तंत्र से लाखों यूनिट बिजली चोरी का मामला सामने आने के बाद डिस्कॉम ने आरोपियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की है। जोधपुर डिस्कॉम एवं सतर्कता पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में न केवल पूरा अवैध तंत्र ध्वस्त किया गया बल्कि इसमें संलिप्त पाए गए डिस्कॉम के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
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डिस्कॉम्स जयपुर की अध्यक्ष आरती डोगरा और जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ.भंवरलाल के स्पष्ट निर्देशों पर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष उच्च स्तरीय टीम गठित की गई थी। जिसमें अधिशासी अभियंता (आरडीएसएस) जोधपुर डिस्कॉम बाड़मेर, सहायक अभियंता (सतर्कता) बाड़मेर तथा एफटीपीएस थानाधिकारी बाड़मेर शामिल थे।
टीम ने फतेहगढ़ के विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाते हुए सात कृषि कनेक्शनों की गहन जांच की। जांच में सभी कनेक्शनों पर गैर- उपयोगिता और अवैध रूप से बिजली चोरी किए जाने की पुष्टि हुई। जांच दल ने मौके से अवैध ट्रांसफॉर्मर हटाकर जब्त किए, अवैध लाइनों और विद्युत संरचनाओं को तुरंत हटवाया तथा बिजली चोरी में संलिप्त उपभोक्ताओं को चिन्हित किया। पूरे प्रकरण का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर सतर्कता शाखा को भेजा गया।
जांच रिपोर्ट में डिस्कॉम के तत्कालीन चार अधिकारी, कर्मचारियों अधिशासी अभियंता (सतर्कता) जैसलमेर सुनील मूलचंदानी, सहायक अभियंता (पावर) फतेहगढ़ अमित मीणा, सहायक राजस्व अधिकारी फतेहगढ़ राजकुमार मीणा तथा कनिष्ठ अभियंता फतेहगढ़ हरीश जयपाल की भूमिका गंभीर रूप से संदिग्ध पाई गई।
इस आधार पर सतर्कता पुलिस ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 व 150 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया। इसी क्रम में विशेष टीम द्वारा तत्कालीन सहायक अभियंता अमित मीणा (वर्तमान मुख्यालय सिरोही), तत्कालीन सहायक राजस्व अधिकारी राजकुमार मीणा (वर्तमान मुख्यालय चुरू) और तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता हरीश जयपाल (वर्तमान मुख्यालय फलोदी) को गिरफ्तार कर लिया गया।
