जोधपुर सहित चारों मंडलों का रेलमार्ग बनेगा टक्कररोधी

  • 23 सौ करोड़ रुपए की लागत आएगी
  • उत्तर पश्चिम रेलवे का साढ़े पांच हजार किमी लंबा रेल मार्ग अत्याधुनिक कवच सिस्टम से होगा लैस
  • सुरक्षित रेल संचालन के लिए रेलवे की प्रतिबद्धता

जोधपुर(डीडीन्यूज),जोधपुर सहित चारों मंडलों का रेलमार्ग बनेगा टक्कररोधी। सुरक्षित रेल संचालन के महत्ती उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर सहित चारों मंडलों के समूचे रेलमार्ग को टक्कररोधी कवच प्रणाली से लैस करने हेतु 23 सौ करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। जिससे जोन के साढ़े पांच हजार किमी लंबे रेलमार्ग पर कवच 4.0 प्रणाली की स्थापना की जाएगी तथा सभी रेलमार्ग टक्कररोधी बन सकेंगे।

यह भी पढ़िए – अस्थि रोग विभाग की मेजबानी में स्पाइन कॉन्फ्रेंस का आयोजन

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन संपर्क अधिकारी शशिकिरण ने बताया कि रेलवे द्वारा सरंक्षा को सदैव प्राथमिकता दी जाती है तथा वह संरक्षित रेल संचालन के लिए प्रतिबद्व है और इसके लिए रेलवे द्वारा अत्याधुनिक तकनीक व नवाचारों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संरक्षित रेल संचालन में अत्याधुनिक और अपग्रेड सिगनल प्रणाली की अहम भूमिका है जिसके तहत उत्तर पश्चिम रेलवे पर संरक्षा सुदृढ़ करने के लिए टक्कररोधी प्रणाली कवच प्रणाली का कार्य प्रगति पर है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे के 5561 किलोमीटर रेल मार्ग में लगभग 2300 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वदेशी कवच प्रणाली का कार्य स्वीकृत है। स्वदेशी टक्कर रोधी प्रणाली कवच की स्थापना के लिए जोधपुर,अजमेर, जयपुर और मण्डल में शेष बचे रेल मार्ग में कवच प्रणाली स्थापित करने के लिए टेण्डर प्रक्रिया प्रगति पर है तथा उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी मण्डलों में कवच प्रणाली स्थापित हो जाने के उपरांत रेलवे संरक्षा बेहतर व सुदृढ़ होगी।

कवच प्रणाली की विशेषताएं
● कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसे ट्रेन की गति की निगरानी और नियंत्रण करके दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

● इसे सुरक्षा अखंडता स्तर 4 (SIL 4) पर डिज़ाइन किया गया है। यह सुरक्षा डिज़ाइन का उच्चतम स्तर है।

● कवच का विकास 2015 में शुरू हुआ। इस प्रणाली का तीन वर्षों से अधिक समय तक व्यापक परीक्षण किया गया।

● तकनीकी सुधारों के बाद,इस प्रणाली को दक्षिण मध्य रेलवे में स्थापित किया गया। पहला परिचालन प्रमाणपत्र 2018 में प्रदान किया गया।

● दक्षिण मध्य रेलवे में प्राप्त अनुभवों के आधार पर,एक उन्नत संस्करण ’कवच 4.0’ विकसित किया गया। इसे मई 2025 में 160 किमी प्रति घंटे तक की गति के लिए अनुमोदित किया गया।

● कवच के पुर्जे स्वदेश में ही निर्मित किए जा रहे हैं।


विज्ञापन के लिए 9414135588 पर संपर्क कीजिए

Related posts:

मकर संक्रांति पर गांधी मैदान में आयोजित होगा पतंग उत्सव

January 14, 2026

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन दिवसीय प्रवास जोधपुर पहुँचे

January 14, 2026

प्रोपर्टी कारोबारी पर डराने धमकाने व फसल नष्ट करने का आरोप

January 14, 2026

आपसी मनमुटाव के चलते पति ने पत्नी की पीठ में घोंपी कैंची

January 14, 2026

माहेश्वरी ट्रेड फेयर में कार का लॉक तोड़कर चुराए दो बैग और लेपटॉप

January 14, 2026

युवक पुलिस को देखकर भागने लगा जैकेट की जेब में मिला 300 ग्राम अफीम का दूध

January 14, 2026

कार का एक्सीलेटर दबते ही भागी महिला को चपेट में लिया,मौत

January 13, 2026

सरकारी स्कूल में आपसी विवाद के बाद नाबालिग छात्र लड़े एक घायल

January 13, 2026

विभिन्न मांगों को लेकर नर्सेज ने चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

January 13, 2026