आफरी में 77वें वन महोत्सव का आयोजन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आफरी में 77वें वन महोत्सव का आयोजन।भारतीयवानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE)के अंतर्गत शुष्क वन अनुसंधान संस्थान(आफरी),जोधपुर में मंगलवार 7 जुलाई को 77वें वन महोत्सव का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ.एके त्रिपाठी की अध्यक्षता में किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारम्भ आफरी परिसर में पौधा रोपण के साथ हुआ। इस अवसर पर निदेशक डॉ.ए के.त्रिपाठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि उनका संरक्षण,नियमित देखभाल तथा उन्हें वृक्ष बनने तक पोषित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले,तो हमारा देश अधिक हरित,स्वच्छ एवं पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित बन सकता है।
इस अवसर पर डॉ.संगीता सिंह,समूह समन्वयक (शोध) ने मृदा संरक्षण,जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए वन महोत्सव के उद्देश्य एवं महत्त्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ.सचिन शर्मा,वैज्ञानिक-सी ने लंटाना से प्रभावित क्षेत्रों का प्रबंधन: पारिस्थितिक बहाली एवं जैव-विविधता संरक्षण की रणनीतियाँ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने लंटाना जैसी आक्रामक विदेशी प्रजातियों से उत्पन्न चुनौतियों तथा उनके प्रभावी प्रबंधन के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों,तकनीकी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। रमेश बिश्नोई,भारतीय वन सेवा, प्रभागाध्यक्ष,विस्तार प्रभाग ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।जबकि कार्यक्रम का संचालन कुसुम परिहार, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी ने किया।
