उत्तराखंड टनल में भूधंसाव से 22 फंसे 19 सुरक्षित निकाले,7 की मौत

रेस्क्यू अभियान जारी

मायापुर,पीपलकोटी (दूरदृष्टीन्यूज)उत्तराखंड टनल में भूधंसाव से 22 फंसे 19 सुरक्षित निकाले,7 की मौत। उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की

विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआरटी टनल में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी भर जाने से 22 लोग फंस गए थे।तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाकर 19 लोगों को बाहर निका लिया गया। टनल में मलबा और पानी भर जाने से राहत कार्य में बहुत मुश्किल हो रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटना स्थल पहुंचे।वे सीधे कमांड सेंटर जाकर टनल में फंसे श्रमिकों के रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने घंटा की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे ग्राउंड जीरो का निरीक्षण किया। उन्होंने टनल के बाहर जिला प्रशासन, उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ,एनडीआरएफ तथा तकनीकी विशेषज्ञों से बात कर हादसे की पूरी जानकारी ली।

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रेस्क्यू अभियान
-रातभर चले अभियान में अब तक 19 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

-3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू कार्य लगातार जारी है।

-घटना में अब तक 7 लोगों की मृत्यु की सूचना है।

-राहत कार्य में गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित हैं।

यह है मामला
उत्तराखंड में निर्माणाधीन टनल में भूधंसाव होने से 22 फंसे थे,जिनमें से 19 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया,जबकि 7 की मौत का समाचार है।
बताया गया कि टनल की कुल लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी आ गया था,जिससे कार्यरत लोग अंदर फंस गए।

राहत एवं उपचार
रेस्क्यू किए गए घायलों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाकर उपचार दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

बचाव अभियान
रेस्क्यू में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ,आईटी बीपी,पुलिस सहित तकनीकी एवं विशेषज्ञ टीमें मौके पर तैनात हैं। मलबा एवं पानी की चुनौती के बीच अत्यंत सावधानी से अभियान चलाया जा रहा है।

जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी संसाधनों एवं तकनीकी सहायता के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रखी जा रही है।रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।