1.5 माह के नवजात को गंभीर टिटनेस से मिली नई जिंदगी
एमडीएम अस्पताल की टीम ने बचाया जीवन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),1.5 माह के नवजात को गंभीर टिटनेस से मिली नई जिंदगी। घर पर प्रसव के दौरान अस्वच्छ ब्लेड से नाल काटने से गंभीर टिटनेस से ग्रस्त 1.5 माह के नवजात को एमडीएम अस्पताल की एनआई सीयू टीम ने नया जीवन दिया है। डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ.बीएस जोधा के मार्गदर्शन में यह सफल उपचार किया गया।
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कौशल्या देवी के 2.4 किलो वजनी नवजात को जन्म के सातवें दिन गंभीर ऐंठन,जबड़े में जकड़न (लॉक जॉ) और सांस लेने में तकलीफ के साथ एमडीएम जनाना विंग की एनआईसीयू में भर्ती कराया गया था। जांच में सीवियर निओनेटल टिटनेस की पुष्टि हुई।
45 दिन तक चला उपचार
शिशु रोग विभाग यूनिट-6 के प्रमुख डॉ.हरीश मौर्य, सहायक प्रोफेसर डॉ. विकास आर्य और एनआई सीयू इंचार्ज सीमा पूरी के नेतृत्व में डॉ.हर्षित,डॉ. करण,डॉ. वेदांत,डॉ.रिया,डॉ.सोनल तथा नर्सिंग स्टाफ सुनील कुमार,रिंकी,गौरी,गजेंद्र, रामेंद्र,दिनेश ने 24×7 देखभाल की।
शिशु को 15 दिन तक सी-पैप मशीन पर रखा गया
ऐंठन रोकने के लिए 4 शामक दवाएं-डायजेपाम, मिडाजोलम,फेंटेनाइल,फेनीटोइन दी गईं। भर्ती के 15वें दिन फीडिंग शुरू कराई गई।
लगभग 1 महीना 17 दिन बाद 2 सितंबर को शिशु पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुआ। डिस्चार्ज के समय वजन 2.46 किग्रा था। एमडीएम अधीक्षक डॉ.विकास राजपुरोहित ने टीम को बधाई दी।
स्वास्थ्य संदेश
सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल में ही डिलीवरी कराएं। यदि घर पर डिलीवरी अपरिहार्य हो तो नई और स्टेराइल ब्लेड का ही प्रयोग करें और नवजात को तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
