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पीडि़तों के लिए 1.11 करोड़ दान की घोषणा, 25 लाख की पहली किश्त दी

थैलेसिमिया केयर डे

जोधपुर, शहर में रोटरी ब्लड बैंक की ओर से संचालित थैलेसिमिया डे केयर सेंटर के सुचारू संचालन के लिए रोटेरीयन विक्रम सिंह,राजेन्द्र गहलोत व उनके परिवार के ट्रस्ट की ओर से 1.11 करोड़ रुपए दान देने की घोषणा के तहत 25 लाख रुपए की पहली किस्त भेंट की गई। इस परिवार ने यह राशि अपने पिता ओमदत्त गहलोत व सुमित्रा की स्मृति में प्रदान किए है। जोधपुर डे केयर सेंटर में वर्तमान में 58 थैलेसिमिया पीडि़त बच्चों को डे केयर सेंटर का लाभ मिल रहा है। इन बच्चों को नियमित रक्त चढ़ाने की व्यवस्था सेंटर की तरफ से की जाती है।

रोटरी ब्लड बैंक के चेयरमैन विनोद भाटिया ने बताया कि विक्रमसिंह 46 बरस से रोटरी क्लब से जुड़े हैं। रोटरी ब्लड बैंक की स्थापना के समय से ये इससे न केवल जुड़े है बल्कि लगातार अपनी सेवा दे रहे हैं।

ब्लड से जुड़ी आंनुवांशिक बीमारी

रोटरी क्लब जोधपुर के अध्यक्ष डॉ. राम गोयल ने बताया कि थैलेसिमिया बच्चों को माता-पिता से आनुवांशिक तौर पर मिलने वाला ब्लड से जुड़ी बीमारी है। इस बीमारी के कारण शरीर में हिमोग्लोबिन निर्माण की प्रक्रिया गड़बड़ा जाती है। जिससे शरीर में ब्लड की कमी के लक्षण नजर आना शुरू हो जाते हैं। यदि माता-पिता के जीन में माइनर थैलेसिमिया रोग होता है उनके बच्चों को मेजर थैलेसिमिया रोग हो सकता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि विवाह से पहले महिला व पुरुष अपने-अपने खून में थैलेसिमिया की जांच करवा ले। ताकि बाद में होने वाली परेशानियों से बचा जा सके। शादीशुदा लोग भी संतान प्राप्ति के विचार से पहले एक बार अपने ब्लड की जांच अवश्य करवा ले।

केयर सेंटर से बच्चों को मिल रहा लाभ

ब्लड बैंक के सचिव सुरेन्द्र भार्गव ने बताया कि रोटरी क्लब के थैलेसिमिया डे केयर सेंटर में इस समय बच्चों को लाभ प्राप्त हो रहा है। थैलेसिमिया पीडि़त इन बच्चों को नियमित रूप से उनका आवश्यकता के अनुसार ब्लड की व्यवस्था की जाती है। इन बच्चों को निशुल्क पूर्णतया जांच के बाद ब्लड चढ़ाया जाता है।

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