जोधपुर, शहर के रातानाडा स्थित ऐस इंटरनेशनल स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व यलो डे के रूप में मनाया गया। विद्यालय की प्राचार्या ने बताया कि बसन्त पंचमी पर्व पर विद्यालय में सर्व प्रथम माँ शारदा की पूजा अर्चना की गई। सभी विधार्थी पीले रंग की पोशाके पहन कर जूम मीटिंग में उपस्थित हुए। कक्षा अध्यापिकाओं ने बच्चों को बसंत पंचमी मनाने का उद्देश्य बताया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि प्रकृति के 6 ऋतुओं में बसन्त का सर्वाधिक महत्व है। इसी लिए इसे ऋतुराज कहा गया है। बसन्त पंचमी का पर्व इस ऋतुराज बसन्त के आगमन का सूचक है। विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती का जन्मदिन भी बसन्त पंचमी को ही हुआ था इसलिए इस पर्व को विद्या के मंदिर स्कूलों में मनाने का विशेष महत्व है। प्राकृतिक दृष्टि से भी बसन्त ऋतु का बहुत महत्व है। इस ऋतु के आते ही प्रकृति श्रृंगारित हो जाती है,वन-उपवन फूलों से सज जाते हैं,चारों ओर बसन्त की मकरंद भरी बयार से वातावरण को मदमस्त बना देती है। फूलों में तितली की अठखेलियाँ और भोंरों के गुंजायमान आनन्दित करती है। स्कूल की प्रधानाध्यापिका मंजू भाटी ने माँ सरस्वती की पूजा कर सभी को बसंत पंचमी की बधाई देकर बसन्त पंचमी पर्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बच्चो ने पीले रंग की कला कृतियाँ बनाई। इस अवसर पर स्कूल निदेशक डॉ ज्योत्सना सिंह शेखावत व डॉ अभिमन्यु सिंह शेखावत ने भी माँ सरस्वती की पूजा कर बच्चो को शुभकामनाएं दी।