मेडिकल सिमुलेशन प्लेटफॉर्म MEDSIM पर हुई कार्यशाला
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),मेडिकल सिमुलेशन प्लेटफॉर्म MEDSIM पर हुई कार्यशाला। डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सिमुलेशन आधारित ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म ‘MEDSIM’ पर एक अर्धदिवसीय अकादमिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में चिकित्सा शिक्षा में सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यशाला का मुख्य केंद्र MEDSIM था,जो इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की एक पहल है। यह उन्नत मेडिकल सिमुलेशन प्लेटफॉर्म केस-आधारित सिमुलेशन,वर्चुअल क्लिनिकल वातावरण तथा VR आधारित स्किल मॉड्यूल्स के माध्यम से मेडिकल विद्यार्थियों और शिक्षकों की क्लिनिकल निर्णय क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु विकसित किया गया है।
अकादमिक सत्रों का संचालन डॉ. नवीन पालीवाल,प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष,आपातकालीन चिकित्सा विभाग,डॉ.एसएन. मेडिकल कॉलेज तथा डॉ.फरज़ाना हाजा मोहम्मद,सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC), तिरुवनंतपुरम द्वारा किया गया। वक्ताओं ने आधुनिक चिकित्सा शिक्षा में सिमुलेशन एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

MEDSIM,AIIMS भुवनेश्वर, C-DAC तिरुवनंतपुरम तथा अमृता विश्व विद्यापीठम के संयुक्त सहयोग से विकसित एक प्लेटफॉर्म है। इस प्लेटफॉर्म पर वास्तविक जीवन की क्लिनिकल परिस्थितियों को 2D एवं 3D क्लिनिकल मॉडल्स के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है,जिससे छात्र इतिहास लेना,वाइटल्स की जांच,क्लिनिकल परीक्षण, आवश्यक जांच,निदान तथा उपचारात्मक निर्णय सुरक्षित वर्चुअल वातावरण में अभ्यास कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान MEDSIM प्लेटफॉर्म का ऑनलाइन लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया गया, जिसमें इसके 100 से अधिक सिमुलेटेड क्लिनिकल केस,प्रश्न बैंक,स्मार्ट वीडियो तथा VR आधारित आपातकालीन चिकित्सा कौशल मॉड्यूल्स को प्रदर्शित किया गया।
कार्यशाला का समन्वयन एवं संचालन डॉ.जयराम रावतानी एवं राकेश व्यास द्वारा किया गया, जिनके प्रयासों से अकादमिक सत्र एवं व्यावहारिक प्रदर्शन सुचारु रूप से संपन्न हुए। इस कार्यक्रम में 76 फैकल्टी सदस्यों तथा प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के 150 स्नातक मेडिकल विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया,जो तकनीक आधारित चिकित्सा शिक्षा में उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ.बीएस जोधा ने सिमुलेशन आधारित शिक्षा को विद्यार्थियों की क्लिनिकल दक्षता, रोगी सुरक्षा एवं निर्णय क्षमता में सुधार हेतु अत्यंत आवश्यक बताया, विशेष रूप से चिकित्सा शिक्षा के प्रारंभिक वर्षों में। यह कार्यशाला MEDSIM जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को नियमित चिकित्सा शिक्षा में एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई,जो क्षमता आधारित चिकित्सा शिक्षा एवं वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है।
