साइंस और साइबर सुरक्षा के करियर विकल्पों पर कार्यशाला

साइंस और साइबर सुरक्षा के करियर विकल्पों पर कार्यशाला

लाचू मेमोरियल कॉलेज के जीव विज्ञान विभाग का आयोजन

जोधपुर,साइंस और साइबर सुरक्षा के करियर विकल्पों पर कार्यशाला।लायन्स क्लब जोधपुर जोधाना एवं एनएसआईट,गुजरात के संयुक्त तत्वाधान में साइंस और साइबर सुरक्षा के करियर विकल्पों पर कार्यशाला पर आयोजित किया गया। कार्यशाला में 150 से ज्यादा बीएससी एवं एमएस सी के विद्यार्थी प्रतिभागी थे।कार्यशाला में विभिन्न ज्वलंत मुद्दे जैसे क्रिमिनॉलॉजी,साक्षायिकाएँ,साइबर सुरक्षा,डिजिटल फॉरेंसिक्स,सूचना सुरक्षा,टॉक्सिकोलॉजी,फिंगर प्रिंटिंग आदि पर चर्चा की गयी।गंभीर अपराध होने के बाद उसकी जांच कितनी महत्वपूर्ण है यह समझाने के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें फॉरेंसिक साइंस के एक्सपर्ट डॉक्टर प्रवेश कुमार ने जानकारी दी। फारेंसिक साइंस का इस्तेमाल आपराधिक मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रियाओं के लिए होती है। इसमें कई क्षेत्र शामिल होते हैं। साइंस की कई फील्ड केमिस्ट्री, बायोलॉजी, फिजिक्स,साइकोलॉजी,सोशल साइंस,इंजीनियरिंग आदि शामिल होती हैं।

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किसी आपराधिक मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट की मदद से पता लगाया जाता है कि कोई क्राइम किस परिस्थिति में हुआ। मुजरिम का पता लगाने में भी इससे मदद मिलती है। फिंगर प्रिंट, हैंडराइटिंग का मिलान करने में भी फॉरेंसिक एक्सपर्ट मदद करते हैं। फॉरेंसिक साइंटिस्ट का मुख्य उद्देश्य जांच के दौरान साक्ष्य जुटाना होता हैं। विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए फारेंसिक साइंस में करियर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। उन्होंने साथ ही बताया की साइबर धोखाधड़ी,ऑन लाइन धोखाधड़ी के माध्यम से किस प्रकार,किसी की भी व्यक्तिगत जानकारी या बैंक जैसी संवेदनशील जानकारी चोरी हो जाती है। कंप्यूटर, मोबाइल डिवाइस या नेटवर्क को हैक किया जाता है,महत्वपूर्ण जानकारी विद्यार्थियों से साझा की। अनेक आपराधिक मामलों में फॉरेंसिक विज्ञान की सहायता से विभिन्न अपराध स्थल से मिले महत्वपूर्ण साक्ष्य के आधार पर पीड़ित को न्याय एवं अपराधियों को सजा दिलाने के व्यावहारिक उदाहरण दिए। कार्यशाला में लायंस क्लब जोधाणा के अध्यक्ष अनिल जैन,सचिव शेफाली बोथरा, वरिष्ठ सदस्य एमएस.भंडारी भी उपस्थित थे। कार्यशाला के आयोजन में जीव विज्ञान विभाग की डॉ योगिता छंगाणी,डॉ रंजीता माथुर,डॉ मोहिता माथुर और डॉ अभिषेक राजपुरोहित की प्रमुख भागीदारी रही। कार्यशाला के अंत में जीव विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ.ऊमा पिल्लई ने धन्यवाद प्रेषित किया। प्राचार्य डॉ रोहित कुमार जैन ने बताया कि इस उत्कृष्ट कार्यशाला ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने फॉरेंसिक साइंस और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने भविष्य के विकल्पों को समझने का एक शानदार अवसर प्राप्त हुआ है।

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