Doordrishti News Logo

राजीव गांधी लिफ्ट नहर परियोजना के तृतीय चरण का कार्यादेश जारी

जोधपुर ज़िले की बहुप्रतीक्षित परियोजना होगी साकार

  • जोधपुर की पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान
  • परियोजना के तृतीय चरण से पश्चिमी राजस्थान के कई क्षेत्रों में होगा जल संकट का स्थायी समाधान
  • जोधपुर, बाड़मेर और पाली के कुल 2167 गांव होंगे लाभान्वित

जोधपुर, बुधवार को राजीव गांधी लिफ्ट नहर परियोजना के तृतीय चरण का कार्यादेश मुख्य अभियंता परियोजना जोधपुर द्वारा जारी कर दिया गया है। मुख्य अभियंता पीएचईडी नीरज माथुर ने बताया कि राजीव गांधी लिफ्ट नहर परियोजना तृतीय चरण की 1454 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति वर्ष 2017 में जारी की गई थी, जिसे जेआईसीए लोन प्रक्रिया में विलंब के कारण राज्य सरकार द्वारा राज्य मद जेजेएम शहरी के तहत वित्त पोषण का निर्णय लिया गया।

उन्होंने बताया कि लागत राशि बढ़ने व पाली जिले के अतिरिक्त 34 गांव सम्मिलित होने के कारण योजना की संशोधित डीपीआर राशि 1799 करोड़ की बनाई गई, जिसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई। उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति तथा तकनीकी स्वीकृति जारी कर विभाग द्वारा योजना की 1416 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की गई जिसमे न्यूनतम दर 1355 करोड़ रुपये मैसर्स एलएण्डटी की प्राप्त हुई, जिसे विभाग की वित्त समिति द्वारा स्वीकृत किया गया। परियोजना का कार्यादेश 11 मई 2022 को मुख्य अभियंता परियोजना जोधपुर द्वारा जारी कर दिया गया है। योजना का कार्य तीन वर्ष में अप्रैल 2025 तक कार्य पूर्ण करना लक्षित है।

मुख्या अभियंता ने जानकारी दी कि परियोजना में 213 किलोमीटर लंबाई की स्टील की 2 मीटर व 1.8 मीटर व्यास की बड़ी साइज की पाइप लाइन मदासर गांव के पास प्रस्तावित एस्केप रिजर्वायर से जोधपुर तक वर्तमान राजीव गांधी नहर के साथ साथ  लगाई जाएगी। इसमें कुल चार उच्च क्षमता के पंप हाउस भी बनाए जाएंगे। योजना के क्रियान्वयन के बाद वर्तमान राजीव गांधी नहर को साथ में उपयोग करते हुए वर्ष 2054 तक की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल मांग की पूर्ति हो सकेगी।

योजना से कुल 2167 गांव होंगे लाभान्वित

योजना से जोधपुर शहर, फलोदी, पीपाड़, बिलाड़ा, भोपालगढ़ व समदड़ी कस्बे व जोधपुर जिले के 1830 गांव, बाड़मेर के 211 गांव, पाली के 126 गांव, कुल 2167 गांवो को लाभान्वित किया जा सकेगा। इनके अतिरिक्त योजना में रोहट में प्रस्तावित डीएमआईसी की भी 60 एमएलडी मांग भी सम्मिलित की गई है।

मुख्यमंत्री ने आवश्यकता के मद्देनज़र लिया निर्णय

मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने राजस्थान में इस योजना की आवश्यकता को देखते इसके लंबित होने के कारणों का संज्ञान लिया, जिसमें पाया गया कि परियोजना की स्वीकृति लंबे समय से विदेशी ऋण के प्रयास के चलते लंबित थी तब उन्होंने जनहित में योजना के लिए जून 2021 में इसे राज्य मद में स्वीकृत करने का निर्णय लिया। इसके बाद विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एक वर्ष से कम समय मे संशोधित योजना बनाई और सभी स्तरों की स्वीकृतियां प्राप्त कर निविदा जारी कर, कार्यादेश जारी किया।

दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन डाउनलोड करें – http://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews

Related posts:

आईआईटी में आयकर अधिनियम 2025 पर मेगा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

March 2, 2026

ईरान-इजराइल युद्ध के दौरान जोधपुर के 120 श्रद्धालु दुबई में फंसे

March 2, 2026

पुलिस ने जोड़े की काउंसलिंग कर शादी को टूटने से बचाया,थाने में पहनवाई वरमाला

March 2, 2026

468 अधिकारियों एवं जवानों की 87 टीमों ने दी 115 स्थानों पर रेड

March 2, 2026

पुलिस आयुक्त ने किए 12 एसआई के तबादले,4 को लाइन भेजा

March 2, 2026

कायलाना झील से मशक्कत के बाद 4 लोगों की टीम ने निकाली थार

March 2, 2026

लापरवाही फायर सेफ्टी सिस्टम फेल: होटल के कमरे में लगी भीषण आग

March 2, 2026

22 तोला सोना और आधा किलो चांदी के जेवरात पार

March 2, 2026

नेशनल हाईवे-62 रिंग रोड पर ट्रक चालक से मारपीट कर नकदी और मोबाइल लूट

March 2, 2026