Doordrishti News Logo

जिसे हादसा माना वह निकला ब्लाइंड मर्डर: दो आरोपी दस्तयाब

  • खुदने स्वीकार किया खान में ऊंचाई से फैंका पत्थर
  • खान श्रमिक की ली थी जान -आपसी रंजिश आई सामने

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जिसे हादसा माना वह निकला ब्लाइंड मर्डर: दो आरोपी दस्तयाब। शहर के केरू स्थित पाबू मगरा में तीन दिन पहले खान में पत्थर की चोट लगने से मौत का प्रकरण ब्लाइंड मर्डर के रूप में सामने आया है। मर्डर करने वाले शख्स ने खुद वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस में दो आरोपियों को दस्तयाब कर पूछताछ आरंभ की है। मामला राजीव गांधी नगर थाने का है।

थानाधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बेनिवालों की ढाणी परेउ गिड़ा बालोतरा निवासी 48 साल का बाबूलाल पुत्र मानाराम जाट केरू स्थित पाबू मगरा में एक खान में तीन दिन पहले रात को बैठकर खाना खा रहा था। तब एक पत्थर उस पर आ गिरा और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे बाद में अस्पताल ले जाया गया,मगर मौत हो गई थी। उसके रिश्तेदार खुमानपुरा फलसूंड निवासी भोमा राम पुत्र गोमाराम जाट की तरफ से मर्ग में रिपोर्ट दी गई थी।

पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने ली रेल परियोजनाओं की जानकारी

थानाधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रकरण में मर्ग में दर्ज था। घटना को लेकर खान में साथ काम करने वाले रामूराम उर्फ रमेश जाट एवं तेजाराम ने उसकी हत्या करना बताया। इन लोगों से पूछताछ में मालूमात हुआ कि मृतक बाबूलाल जाट खान मालिक को उनके खिलाफ भडक़ाता था। अमावस्या पर हिसाब किताब किया गया था,मगर रामूराम उर्फ रमेश का पेमेंट रोक दिया गया। रामूराम पत्थर कटर पर लगा हुआ था और तेजाराम हाइड्रो चलाता था। इनके बीच आपस में बोलचाल होती रहती थी,जिसकी शिकायतें बाबूलाल खान मालिक को करता था। खान से निकालने की बात भी करता था।

पेमेंट आने पर साथ पी दारू 
थानाधिकारी रविंद्र प्रतापसिंह के अनुसार अमावस्या पर पेमेंट आया था। तब रामूराम का हिसाब नहीं किया गया। मगर बाबूलाल को हिसाब हो गया था। उसका हिसाब होने पर रामूराम और तेजाराम ने दारू पार्टी की बात की। तब साथ बैठकर शराब पी। रात का समय था। जाते हुए खान में काफी ऊंचाई से पत्थर को गिराया जो बाबूलाल के सिर में लगा था,वक्त घटना वह खाना खा रहा था। उसके बाद दोनों आरोपी वहां से चले गए। उसे संभाला नहीं। सुबह इसका पता लगा था। मगर तब तक संभवत : उसकी मौत हो चुकी थी।

गलती मानी,अपराध स्वीकारा 
आरोपी रामूराम और तेजाराम ने अपनी गलती मानी और अपराध को स्वीकार किया। बोला गलती हो गई थी। रंजिश वश यह कदम उठाया। शराब पीने के दौरान उसे सबक सिखाने की योजना बनाई थी।