- अब तक छह लोग गिरफ्तार
- पकड़े गए आरोपी से पूछताछ
जोधपुर, हार्डकोर अपराधी कैलाश मांजू की हत्या के लिए सुपारी देने वालों में शरीक एक और बदमाश चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपी से पुलिस ने 25 लाख रूपए भी बरामद किए हैं। उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पूर्व में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। जिनमें तीन बदमााशों को अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल में हाल ही में शिफ्ट किया गया था।
चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थानाधिकारी लिखमाराम ने बताया कि पुलिस की टीम में शामिल कांस्टेबल भविष्य कुमार, ओमप्रकाश के सहयोग से प्रकरण में वांछित एक आरोपी प्रतापनगर थाना क्षेत्र में सूंथला स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर के पास में रहने वाले लवजीतसिंह पुत्र हरिसिंह चौहान को गिरफ्तार किया गया है। उसकी निशानेदेही पर पुलिस ने 25 लाख रूपए भी बरामद किए हैं।
पुलिस अब तक प्रकरण में 40 लाख रूपए बरामद कर चुकी है। पहले 15 लाख रूपयों की बरामदगी हुई थी। पुलिस को अब हार्डकोर अपराधी राजू फौजी और पाबूराम गौरसिया की तलाश है। अन्य बदमाशों की पहचान कर पकड़ऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि 12 जुलाई को प्रकरण सामने आया कि हिस्ट्रीशीटर एवं हार्डकोर अपराधी कैलाश मांजू को जान से मारने के लिए स्थानीय बदमाशों ने साजिश रची थी। जिसमें हार्डकोर अपराधी राजू फौजी के साथ 80 लाख की बात हुई थी। चालीस लाख पहले दिए गए फिर शेष काम होने पर दिए जाने की बात हुई।
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पुलिस को इसकी जानकारी मिलने पर हिस्ट्रीशीटर विक्रम नांदिया, दिनेश बंबानी सहित तीन अन्य बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। मगर राजू फौजी को इस काम के लिए सुपारी देने वाला शख्स लवजीतसिंह चौहान फरार चल रहा था। उसे भी आज पकड़ लिया गया। सबसे बड़ा हार्डकोर अपराधी राजेश डारा उर्फ राजू फौजी अब तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। वह हत्या के केस में फरारी काट रहा है।
कैलाश मांजू को जान से मारने के लिए नांदिया और मनोहर सिंह भणियाणा ने मिलकर साजिश को अंजाम देने का प्रयास किया। इसके लिए इन लोगों ने हार्डकोर अपराधी राजेश डारा उर्फ राजू फौजी का सहारा लिया। उससे संपर्क भी किया और डील तय करने के लिए मनोहर सिंह को आगे किया गया। ये लोग शिकारगढ़ स्थित एक मकान पर भी मिले थे। बाद में चले गए। हत्या की योजना एक करोड़ से शुरू हुई। मगर सौदा बाद में 80 लाख मे तय हुआ।
पहले पेशगी के तौर पर 40 लाख देना तय हुआ और फिर 40 लाख काम खत्म होने के बाद देना तय हुआ। इधर पुलिस के हाथ मनोहरसिंह के लगने से उनकी योजना खटाई में पड़ गई और राजफाश हो गया। तब पुलिस ने व्यूहरचना कर एक-एक कर पांच अभियुक्तों को पकड़ लिया। अब भी पुलिस को राजू फौजी के साथ ही पाबू गौरसिया, प्रकाश,रमेश भाणिया, रामनिवास की तलाश है। इस प्रकरण में कैलाश मांजू की पत्नी ने भी परिवाद दायर कर पति की जान को इन लोगों से खतरा बताते हुए चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
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