एमडीएमएच में पहली बार हुई यूनिकोनडाइलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
अस्थि रोग विभाग द्वारा की गई
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एमडीएमएच में पहली बार हुई यूनिकोनडाइलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी। अस्थि रोग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर अरुण वैश्य ने बताया कि एक मरीज उनके पास घुटने में दर्द की तकलीफ लेकर दिखाने आया। उन्होंने जांच करने में मरीज के घुटने के जोड़ के तीन भागो में से केवल एक भाग मीडियल टीबीओ फ़ेमोरल भाग में आर्थराइटिस पायी गई।
मरीज के घुटने के जोड़ के बाक़ी दो भाग सही होने,मरीज की कम उम्र व घुटने के लिगामेंट्स की अच्छी स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरे घुटने के जोड़ को बदलने की बजाय यूनिकंडाइलर नी रिप्लेसमेंट अर्थात घुटने के जोड़ के तीन में से सिर्फ़ एक भाग का रिप्लेसमेंट करने का निर्णय लिया।
डॉक्टर अरुण वैश्य ने बताया कि घुटने के सिर्फ़ एक ख़राब भाग को रिप्लेस करने से मरीज को अपना घुटना तुलनात्मक तौर पर नार्मल घुटने जैसा अहसास होता है तथा ये ऑपरेशन कम चीरे में सम्पन्न किया जाता है। इस ऑपरेशन में कम रक्त स्ताव,कम दर्द एवं कम समय में सम्पन्न किया जा सकता है।
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ऑपरेशन के बाद में मरीज घुटने की मूवमेंट पूरी तरह आने से आराम से चल फिर सकता है।
ऑपरेशन डॉक्टर अरुण वैश्य द्वारा किया गया तथा उनके साथ टीम में डॉक्टर देवेंद्र सिंह गोदारा,डॉक्टर आशीष गौड़,डॉक्टर सुरेन्द्र जाखड़, डॉक्टर मुकेश धाकड़,डॉक्टर पूजा सिंह,डॉक्टर रवि थे। नर्सिंग सहायक वलसमा,नारायण जोशी एवं मुकेश बिश्नोई थे।
अधीक्षक मथुरा दास अस्पताल डॉक्टर विकास राजपुरोहित ने बताया कि अस्थि रोग विभाग में समय समय पर आधुनिक पद्यति से ऑपरेशन होते रहते हैं। यह ऑपरेशन राजकीय मेडिकल कॉलेज जोधपुर में पहली बार हुआ है। प्रधानाचार्य संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज डॉक्टर बीएस जोधा ने सम्पूर्ण टीम को बधाई दी।
