पत्रकार दल ने जानी सीमा सुरक्षा बल की बॉर्डर गतिविधियां

-पवन ऊर्जा केंद्र का किया दौरा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),पत्रकार दल ने जानी सीमा सुरक्षा बल की बॉर्डर गतिविधियां। पीआईबी मुम्बई के तत्वावधान में राजस्थान दौरे पर आए पत्रकार दल ने गुरुवार को जैसलमेर स्थित सम में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं एवं गतिविधियों का अवलोकन किया।

इस अवसर पर पत्रकार दल ने बीएसएफ डेजर्ट पार्क का भ्रमण कर रेगिस्तानी क्षेत्र में सुरक्षा,प्रशिक्षण तथा सामरिक तैयारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बीएसएफ डेजर्ट पार्क क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों और महत्वपूर्ण भूमिका की जानकारी दी।

पत्रकार दल ने बीएसएफ की विभिन्न पहल,नवाचार,स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। पत्रकार दल ने लोंगेवाला का दौरा भी किया।
दल ने तनोट में सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों से मुलाकात की और तनोट माता मंदिर के इतिहास की जानकारी ली।

पत्रकारों के समूह ने बॉर्डर का दौरा भी किया। अधिकारियों ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल द्वारा बॉर्डर की सुरक्षा मजबूती से की जा रही है। सीमा सुरक्षा बल नवीन तकनीक और गतिविधियों पर भी बल दे रहा है। इस अवसर पर सीमा की गतिविधियों की जानकारी लेते बीएसएफ अधिकारियों ने दल को रेगिस्तान में सीमा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों,तकनीकी संसाधनों के उपयोग,पर्यावरणीय परिस्थितियों में किए जाने वाले प्रशिक्षण तथा सीमा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

पत्रकारों ने जैसलमेर के सुजलॉन पवन ऊर्जा केंद्र का दौरा भी किया और यहां की गतिविधियों और कार्य विवरण की जानकारी ली। इस अवसर पर आरआरवीपीएनएल के अधीक्षण अभियंता प्रशांत लोढ़ा ने बताया कि जैसलमेर जिले में सन 2000 से पवन ऊर्जा उत्पादन शुरू हुआ था। वर्तमान में जैसलमेर जिले में 3680MW (3.68GW) पवन ऊर्जा उत्पादन हो रहा है,जो राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के ग्रिड सब स्टेशनों के द्वारा ट्रांसमिट होती है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में सुजलोन,एनरकॉन,गमेसा,अदानी, विण्ड वर्ल्ड एवं आइनोक्स आदि कम्पनियों के विण्डमिल जिले में पॉवर उत्पादन कर रहे हैं। 350kw से लेकर 3.1mw की विण्डमिलों द्वारा पॉवर उत्पादन हो रहा है। जिले में राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम के तीन 400kV GSS, दो 220kV GSS पर पवन ऊर्जा उत्पादन कनेक्टेड है।

इन विण्डमिल्स को पॉवर उत्पादन के लिए 3 से 5 मीटर प्रति सेकण्ड के वेग की हवा गति चाहिये,10-12 मी/से पर अधिकतम पॉवर उत्पादन होता है एवं 25 मी/से वेग पर ओटोमैटिक उत्पादन रुक जाता है। पवन पॉवर ऊर्जा का एक स्वच्छ एवं सतत सोर्स है तथा इसकी लागत पारम्परिक स्रोत के पॉवर उत्पादन से काफी कम है। इस प्रकार की रिन्यूएबल पॉवर से किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता है। इसके अलावा इसने जिले में रोजगार के कई अवसर पैदा किये हैं एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान की है। जिले में अभी भी प्रचुर मात्रा में विल्ड पॉवर उत्पादन की सम्भावनाएं हैं।

Related posts:

मतदान ड्यूटी से अनुपस्थित 8 कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित

September 10, 2026

पेट्रोल पंप पर तलवार-चाकू दिखाकर 7300 रुपए लूट का खुलासा

September 10, 2026

स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 5 सहायक प्रोफेसर का चयन

September 10, 2026

हिंदुत्व की उदार दृष्टि और मुस्लिम समाज: न्यूयॉर्क से निकला संदेश

September 10, 2026

क्षत्रिय सरगरा महासंगठन लूणी पट्टा की नई कार्यकारिणी गठित

September 10, 2026

अंतिम क्षणों तक भाजपा प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत

September 10, 2026

एस्ट्रो साइंटिस्ट डॉ. सरस्वती देवकृष्ण गौड़ को मिला राष्ट्र गौरव सम्मान

September 10, 2026

राज्य सेवा अपीलेट अधिकरण में सदस्य की नियुक्ति प्रगति रपट पेश करने का आदेश

September 10, 2026

शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष निर्वाचन के लिए 10 एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त

September 10, 2026