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सरकार का सत्कार व मांगो की मनुहार 16 को

जयपुर में इक्कठे होंगे हजारों संख्या में व्याख्याता व प्रधानाचार्य

जोधपुर,चुनावी वर्ष में कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने प्रदर्शन और रैली करते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं। इसी तरह राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री का आभार सत्कार करते हुए अपनी मांगों की मनुहार करवाने का फैसला लिया है। इसे लेकर रेसला व रेसा-पी ने फैसला लिया है कि 16 अप्रैल को एक मंच पर आएंगे और मुख्यमंत्री का सत्कार करते हुए अपनी मांगों को उनके समक्ष रखेंगे। प्रदेशभर के प्रधानाचार्य,उप प्रधानाचार्य, प्राध्यापक,वरिष्ठ अध्यापक,अध्यापक और शारीरिक शिक्षक राज्य सरकार की ओर से लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों को लेकर उनका सत्कार करने को आतुर है। हालांकि इनका उद्देश्य सिर्फ सत्कार करना ही नहीं बल्कि बल्कि अपनी लंबित मांगों को लेकर सीएम से मनुहार करने का भी है।

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रेसला प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामु राम जाखड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट भाषण में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं,इसे लेकर कर्मचारी वर्ग खुश है पुरानी पेंशन योजना के फैसले ने पूरे देश में एक मिशाल पेश की है। राज्य सेवा के कर्मचारियों को 9,18,27 वर्षीय चयनित वेतनमान का लाभ भी मिलेगा इसके साथ ही 12421उप प्रधानाचार्य पद सृजित करने के फैसले को लेकर राजस्थान का शिक्षक वर्ग सीएम का आभार जताना चाहता है। इसे लेकर 16 अप्रैल को राजस्थान कॉलेज के खेल मैदान में सत्कार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ शिक्षा मंत्री डॉ.बीडी कल्ला,शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदाखान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा मौजूद रहेंगे।

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रामु राम जाखड़ ने बताया कि इस सत्कार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समक्ष शिक्षक वर्ग के कुछ लंबित मांगों को भी रखा जाएगा।जो इस प्रकार हैं।

1-प्राध्यापकों की वेतन कटौती बहाल कर न्यूनतम वेतन 18750 छठे वेतन आयोग कै अनुसार देय।

2-शिक्षा विभाग के सभी कार्मिकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करें। 3-जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पूर्व नियमानुसार जल्दी डीपीसी की जाए।

4-वरिष्ठ अध्यापक से प्राध्यापक पद पर 3 वर्षों की डीपीसी जल्द की जाए।

5-अध्यापकों के स्थानांतरण पर लगा प्रतिबंध हटाया जाए।

6-सत्र 2022-23 की प्रधानाचार्य डीपीसी से वंचित 20% प्राध्यापकों की डीपीसी जल्द की जाए।

7-सत्र 2023-24 के पदों पर 31 मई 2023 तक प्रधानाचार्य और 30 जून 2023 तक उप प्रधानाचार्य पदों पर दोबारा डीपीसी की जाए।

8-प्रधानाचार्य को केंद्र के समान वेतन,युसीईओ और पीईईओ को अतिरिक्त वेतन दिया जाए।

9-सभी संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाए।

10-एक ही भर्ती में चयनित प्राध्यापकों को समान वरीयता का निर्धारण कर उप प्रचार्य डीपीसी की जाए।

11-शून्य मैरिट प्राध्यापकों को मैरिट क्रमांक दिया जाए।

12-आरआर व्याख्याता को नियमानुसार वरियता प्रदान कि जाए।

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