तीसरे दिन भी नहीं उठाया शव सास ससुर की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन

  • महिला की संदिग्ध मौत का मामला
  • एमडीएम अस्पताल में धरना प्रदर्शन जारी

जोधपुर,संदिग्ध हालात में अस्पताल लाकर भर्ती करवाई गई विवाहिता की बुधवार को मौत हो गई थी। पीहर पक्ष ने दहेज हत्या एवं हत्या किए जाने की आशंका में पुलिस में रिपोर्ट दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पति को हिरासत में ले लिया। मगर मृतका के पीहर पक्ष के लोग सास ससुर को गिरफ्तारी की मांग पर भी अड़े रहे। शुक्रवार को भी अस्पताल में गहमाहमी का माहौल बना रहा। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया दिया गया मगर उसे उठाया नहीं गया है। परिजन आज तीसरे दिन भी सास ससुर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं। एमडीएम अस्पताल में मोर्चरी के बाहर धरना और प्रदर्शन जारी है।

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दहेज प्रताडऩ़ा की शिकार बनी मीनक्षी ने 18 दिन जिन्दगी और मौत से संर्घष के बाद आखिर बुधवार की दोपहर को एमडीएम अस्पताल की आईसीयू में दम तोड़ दिया था। मृतका के पिता की रिपोर्ट पर ग्रामीण महिला थाना पुलिस ने दहेज प्रताडऩा और हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर एमडीएम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की, लेकिन परिजन और समाज बन्धु इस मामले में मीनाक्षी की मौत के बाद घर पर ताला लगा कर फरार हुए सास ससुर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े है।

महिला थाना ग्रामीण थानाधिकारी लीला ने बताया कि महिला थाने में गत माह 23 नवंबर को दर्ज करायी रिपोर्ट में पावटा सी रोड लक्ष्मीनगर निवासी हरीशचन्द्र सांखी पुत्र स्व. लालचंद सांखी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री मीनाक्षी का विवाह मूलत: जाजीवाल खिचियान हाल पीपाड़ सिटी निवासी भीखमचंद जाजड़ा के पुत्र हरीश जाजड़ा के साथ 11 दिसंबर 2009 को किया और अपनी हैसियत से बढकऱ दहेज में नकदी, जेवरात, घरेसू सामान और सीखें दी। 12 वर्ष के वेैवाहिक जीवन के बीच उसकी बेटी के एक पुत्री झलक और पुत्र जागृत भी पैदा हुए।

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पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही उसकी पुत्री मीनाक्षी को पति हरीश,सास और ससुर परेशान करने लगे और उसको पीहर पक्ष से दहेज कम लाने का ताना मारते रहे। इस बीच कई बार उसके साथ शारीरिक और मानसिक अत्याचार किये और मारपीट भी की। आरोप है कि ससुराल वालों ने 19 नवंबर की रात्रि को मीनाक्षी को जान से मारने की नीयत से जहर पिला दिया। गत 20 नवंबर की सुबह पीहर पक्ष को सूचना मिली तो वे अपने रिश्तेदारों के साथ मीनाक्षी के ससुराल पहुंचे और किसी प्रकार मीनाक्षी को वहां से लेकर एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया जहां पर 18 दिन तक जिन्दगी और मौत के बीच संघर्ष के बाद उसने बुधवार को दम तोड़ दिया था।

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