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एमडीएमएच की मोर्चरी में स्वीपर की गलती से शव की अदलाबदली

ज्ञात शव को अज्ञात मान हिंदू सेवा मंडल को सौंपा

  • दाह संस्कार कर दिया
  • रविवार को शव लेने पहुंचे परिजन सकते में

जोधपुर, शहर के मथुरादास माथुर अस्पताल से शव के गायब होने पर सनसनी फैल गई। जालोर से जोधपुर शव लेने पहुंचे परिजन को उस वक्त आघात पहुंचा जब उन्हें पता लगा कि शव मोर्चरी में नहीं है। इस पर परिजन बिफर गए और हंगामा करने लगे।

सूचना पर अस्पताल प्रशासन के साथ पुलिस के आलाधिकारगण भी पहुंचे। बाद में जांच में सामने आया कि शव मोर्चरी में ड्यूटी पर कार्यरत स्वीपर की गलती से अदला बदली हो गया है। जो ज्ञात शव था उसे हिंदू सेवा मंडल के सुपुर्द कर दिया गया। जिसका विधिपूर्वक दाहसंस्कार भी कर दिया गया। इधर रविवार को ज्ञात शव के परिजन जोधपुर पहुंचे तो शव मोर्चरी में नहीं पाकर सकते में आ गए। बाद में पुलिस की आलाधिकारियों ने पड़ताल आरंभ की तो पता लगा कि स्वीपर की गफलत से यह सब हुआ।

अब अस्पताल की एक कमेटी भी जांच कर रही है। दरअसल जालोर जिले के नोसर थानान्तर्गत भंवरानी का रहने वाला भैराराम पुत्र मंंगलाराम जोधपुर में बासनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित दाउ की होटल के पास मेें मजदूरी करता था। 24 जून को बासनी पुलिस ने उसके परिजन को सूचना दी कि भैराराम की मौत हो गई और शव को एमडीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। भैराराम के शव की बाद में शिनाख्त हो पाई थी वह भी पहले अज्ञात था। मृतक के भाई भूराराम का कहना है कि उसकी आर्थिक हालत सही नहीं होने पर वह 25 को शव लेने जोधपुर नहीं आ सका। इस पर वह रविवार को परिजन के साथ शव लेने पहुंचा।

उसने शव ले जाने के लिए एंबुलैंस की व्यवस्था भी की। मगर जब मोर्चरी पर शवों को दिखाया गया तो उसके भाई भैराराम का शव नहीं मिला। इस पर अस्पताल प्रशासन से बात की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। इधर परिजन का सब्र टूटने पर वे हंगामा करने लगे। हंगामें की जानकारी पर बासनी थानाधिकारी पाना चौधरी, शास्त्रीनगर थानाधिकारी जोगेंद्र सिंह आदि वहां पहुंचे।

प्राथमिक जांच में यूं आया मामला सामने

शास्त्रीनगर थानाधिकारी जोगेंद्र सिंह ने बताया कि दरअसल अपना घर आश्रम में भी एक व्यक्ति राजेश की मौत हुई थी। जो एक तरह से अज्ञात ही था। बाद में पता लगा कि उसकी भाभी और भतीजा अहमदाबाद में है। वे जोधपुर आए और राजेश की शव की पहचान की। मगर उन्होंने माली हालत ठीक नहीं होना बताया और शव का यहां पर ही दाहसंस्कार कराने की बात कह दी। शनिवार को मोर्चरी में मौजूद स्वीपर की गलती से भैराराम का शव आगे कर दिया गया। बाद में हिंदू सेवार मंडल की तरफ से शव का दाहसंस्कार करवा दिया गया। मगर अपना घर आश्रम में जो शव राजेश का पड़ा था वो यहीं पर रह गया। दोनों के ही परिवार की आर्थिक हालत सही नहीं होने से शव को ले जाने में असमर्थता जाहिर की थी। स्वीपर की गलती से शव की अदलाबदली हो गई।

ट्रेनिग मेें लगा नया स्वीपर

जांच में यह भी सामने आया कि जो स्वीपर वहां पर कार्यरत था वो अंडर ट्रेनिग था। वक्त घटना कोई ट्रेंड स्वीपर वहां पर नहीं था। अब अस्पताल की एक कमेटी भी इसकी जांच कर रही है। इधर मृतक भैराराम के परिजन से समझाइश कर मामला शांत करवाया गया है। हालांकि उसने पुलिस में इसकी रिपोर्ट दी है।

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