राज्य के कम्प्यूटर कर्मी सोमवार से सामूहिक अवकाश पर
राजकीय कार्याें का करेंगे वहिष्कार
जिला कलक्टर,अतिरिक्त जिला कलक्टर व अतिरिक्त निदेशक सूचना प्राद्योगिकी और संचार विभाग, जोधपुर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा
जोधपुर,राजस्थान राज्य अधीनस्थ कम्प्यूटर कर्मचारी संघ अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से सामूहिक अवकाश पर जा रहे हैं। इस सम्बन्ध में जोधपुर आईटी यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों के दल ने शुक्रवार को जिला कलक्टर,अतिरिक्त जिला कलक्टर व अतिरिक्त निदेशक, सूचना प्राद्योगिकी और संचार विभाग, जोधपुर को मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। विभिन्न विभागों में पदस्थापित सूचना सहायक व सहायक प्रोग्रामरों ने अपने-अपने कार्यालयाध्यक्ष को सामूहिक अवकाश की सूचना देते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वे सोमवार से राजकीय कार्याें का वहिष्कार करेंगे।

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आईटी संवर्ग के जोधपुर जिला अध्यक्ष सुमेर चौधरी ने बताया कि आईटी कर्मी सदैव राज्य सरकार की महत्वाकंक्षी योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आये हैं। राज्य सरकार के सभी विभागों में संचालित योजनाओं व विभागीय कार्यों के सम्पादन में आईटी कर्मिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा आईटी के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करने में इन कार्मिकों के प्रयास,निष्ठा व कड़ी मेहनत को भूला नही जा सकता। इसके बावजूद इस संवर्ग की मांगों से राज्य सरकार ने मुंह फेर लिया है। यह संवर्ग अपनी महत्वपूर्ण वाजिब मांगों को दर्जनों बार सरकार के समक्ष रख चुका है लेकिन आज तक केवल आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला। आईटी कर्मियों की वाजिब मांगों को सरकार द्वारा अनदेखा किया जाता रहा है। इससे क्षुब्ध,मजबूर व विवश होकर सामुहिक अवकाश, कार्य बहिष्कार व महापड़ाव का रास्ता अपनाने की आवश्यकता पड़ रही है।
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संघ के मुख्य मांगों में सूचना सहायक की ग्रेड पे 3600 (लेवल-10) व सहायक प्रोगामर की ग्रेड पे 4200 (लेवल-11) करने,एसीपी की भर्ती में सूचना सहायक व सहायक प्रोग्रामर पद के कार्य अनुभव को शामिल करने,पदोन्नति हेतु विभागीय परीक्षा आयोजित करवाने,राजकीय अवकाश के दिन कार्य करने पर क्षतिपूर्ति अवकाश देने,प्रोगामर,सहायक प्रोग्रामर व सूचना सहायक के पदों का अनुपात 1ः2ः3 नियत करने इत्यादि हैं। उन्होंने बताया कि उक्त मांगों की क्रियान्विति हेतु समस्त आईटी कर्मचारी संघ कई वर्षों से प्रयासरत हैं। अपनी मांगों को सरकार से समक्ष रख चुका है। इस संदर्भ में 30 सितम्बर 2021 को हुआ विभागीय समझौता,विभागीय स्तर पर हुई वार्ताओं,अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त एवं सूचना प्रोद्योगिकी और संचार विभाग के स्तर पर हुई वार्ता,मुख्यमंत्री स्तर पर हुई वार्ता में संघ को केवल आश्वासन ही प्राप्त हुआ तथा मांगों के निस्तारण हेतु कोई ठोस कदम नही उठाए गये। इन सभी बेनतीजे वार्ताओं के परिणामस्वरूप आईटी कर्मचारी संघ मजबूर होकर ऐसे कदम उठाने के लिए बाध्य है।
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