जोधपुर,जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के संगीत विभाग द्वारा सात दिवसीय साप्ताहिक वेब व्याख्यान के अंतिम दिन गायन वादन और नृत्य का संयुक्त रुप से व्याख्यान आयोजित किया गया। डॉ स्वाति शर्मा ने बताया कि संगीत की पूर्णता गायन,वादन और नृत्य के संयोग से होता है।
वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए विभाग द्वारा 7 शनिवार को व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के आचार्यों ने अपना व्याख्यान देकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इसी श्रृंखला की अंतिम कड़ी में जम्मू,कश्मीर से विजय सान्याल ने संगीत से आध्यात्म तक का सफर विषय पर अपना वक्तव्य देकर सभी छात्र छात्राओं को लाभान्वित किया।

इनके उपरांत काशी हिंदू विश्वविद्यालय के उपाचार्य डॉक्टर विधि नागर ने कत्थक नृत्य का दरबारों द्वारा संरक्षण व संवर्धन पर विस्तार से चर्चा की, उन्होंने कत्थक के विभिन्न दरबारों द्वारा जो योगदान दिए गए उस पर अपना प्रकाश डाला। नेपाल दरबार का विशेष उल्लेख किया।
व्याख्यान के अंत में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व संकाय प्रमुख प्रोफ़ेसर राजेश शाह सितार वादन के घराने एवं वादन शैली में सौंदर्य का विधान विषय पर विद्यार्थियों से विस्तार में चर्चा की। कार्यक्रम के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष डॉ स्वाति शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन किया। तत्पश्चात संकाय प्रमुख किशोरीलाल रेगर के सानिध्य से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर गौरव शुक्ल ने किया इस वेबीनार में भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों के आचार्य विद्यार्थी,शोधार्थी जुड़े।
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