रेजिडेंट डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च
जोधपुर, शहर के डॉ एसएन मेडिकल कालेज में नीट पीजी काउंसलिंग में हो रही देरी के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने कैंडिलमार्च निकाला व कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।इस सम्बंध में रेजिडेंट्स डॉक्टरों ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा कि नीट पीजी काॅउंसलिंग में फिर से सुप्रीम कोर्ट में 6 जनवरी की तारीख मिलने से अखिल भारत से समस्त रेसिडेंट डाॅक्टर्स आक्रोशित व निराश हैं, लगातार हो रही देरी और शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी बात भी केंद्र सरकार मामले को गंभीरता से लेने के बजाय तारीखों में उलझाती जा रही है।
अभी वर्तमान में मात्र दो बैच के रेजिडेंट डाॅक्टर्स (66% मैन पावर) पर ही अस्पताल का समस्त भार है एक बैच अनुपस्थित होने के कारण पिछले 6 महीनों से अत्यधिक कार्यभार के कारण रेजीडेंट चिकित्सक मानसिक व शारीरिक रूप से अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं, जिसके कारण कुछ जगह रेजीडेंटस ने आत्महत्या जैसे कदम भी उठाए है। फ्रेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के तत्वधान में राजस्थान के समस्त रेजिडेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में ये निर्णय लिया गया है कि शुक्रवार को शांतिपूर्ण तरीके से काॅलेज परिसर में कैंडिलमार्च प्रोटेस्ट किया जाएगा। रविवार 28 नवम्बर से ओपीडी का कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
इस दौरान इमरजेंसी सेवाये सुचारू रूप से चालू रहेगी और 29 नवम्बर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा (ट्राॅमा इमरजेंसी व लेबिर रूम सुचारू रहेंगे) उसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जायेगी। समस्त रेजिडेंट एसोसिएशन ने केन्द्र सरकार से 31नवम्बर तक काॅउंसलिंग की प्रक्रिया को पूरा करने को कहा ताकि अस्पतालों मे रेसिडेंटस की कमी पूरी की जा सके, जिससे मैन पावर कमी से जूझते अस्पतालों में आमजन को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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