नर्स ग्रेड द्वितीय की चयनित को नियुक्ति के आदेश
जोधपुर, राजस्थान हाईकोर्ट ने नर्स ग्रेड द्वितीय पर चयनित अभ्यर्थी को नियुक्ति के आदेश सरकार को दिए हैं। नर्स ग्रेड द्वितीय भर्ती में एक चयनित अभ्यर्थी को सरकार ने नियुक्ति इसलिए नहीं दी क्योंकि उसके विरूद्ध तीन अलग-अलग धाराओं में मुकदमें दर्ज थे और ट्रायल पेंडिंग थी। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने भी नियुक्ति के आदेश दे दिए थे, लेकिन सरकार इसके विरूद्ध खंडपीठ पहुंच गई। चीफ जस्टिस अकील कुरैशी व जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने सरकार की अपील खारिज करते हुए नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।
रेस्पोडेंट-पिटीशनर महेंद्रसिंह मीणा का नर्स ग्रेड द्वितीय भर्ती में चयन हुआ था। वेरिफिकेशन पर पता चला कि उसके विरूद्ध आईपीसी की धारा 143, 283 व 353 के तहत मुकदमे दर्ज हैं और कोर्ट में चार्जशीट पेश हो चुकी है एवं ट्रायल पेंडिंग है। इस पर नियुक्ति नहीं देने पर एकलपीठ में याचिका दायर की गई। जिस पर 2 सितंबर 2020 को कोर्ट ने नियुक्ति देने के आदेश दिए।
आरोपों को गंभीर नहीं बताया
सरकार एकलपीठ के इस फैसले से असंतुष्ट होकर खंडपीठ पहुंच गई। तर्क दिया कि रेस्पोडेंट गंभीर आरोपों में ट्रायल का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सार्वजनिक प्रशासन के लिए हितकर नहीं होगा। रेस्पोडेंट-पिटीशनर की ओर से अधिवक्ता श्रेयांस मरडिया ने तर्क दिया कि उस पर गंभीर आरोप नहीं है। जिसके खिलाफ ट्रायल चल रही है, सरकार की पॉलिसी भी उसे नियुक्ति देने से प्रतिबंधित नहीं करती है। खंडपीठ ने दोनों पक्ष सुनने के बाद एकलपीठ के आदेश को उचित बताते हुए सरकार की अपील को खारिज कर दिया और रेस्पोडेंट मीणा को नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।
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