इंदिरा गांधी की जयंती पर पिता के पत्र पुत्री के नाम पुस्तक पर परिचर्चा
जोधपुर,गांधी स्टडी सर्कल द्वारा नेहरू सप्ताह के अंतर्गत इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू के द्वारा इंदिरा गांधी को लिखे गए पत्रों पर आधारित पिता के पत्र पुत्री के नाम किताब पर वेबीनार के माध्यम से परिचर्चा आयोजित की गई। इस अवसर पर श्रमदान का भी आयोजन हुआ। प्रातः शनिधाम में श्रमदान कर मंदिर परिसर से कचरा, पालिथीन हटाई गई, पक्षियों के परिंडे पानी से भरे, पौधों की देखभाल की गई। वेबीनार के प्रारंभ में जवाहरलाल नेहरू एवं इंदिरा गांधी के चित्रों पर पुष्पांजलि, सूताजंलि अर्पित कर सर्व धर्म प्रार्थना की गई।

अशोक चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय पण्डित नेहरू जब घर से दूर थे पर उनके मन में इकलौती बेटी इंदू की चिंता रहती थी, वे इंदू को पत्र लिखकर उसे समझाते थे। इनका संकलन पिता के पत्र पुत्री के नाम किताब के रुप में सामने आया, यह किताब आज विधार्थियों,अभिभावकों को दिशा देती हैं। डॉ संतोष छापर ने कहा कि यह किताब आज हर व्यक्ति को परिवार,व्यवसायिक,सार्वजनिक जीवन में समन्वय स्थापित कर चलने का मार्गदर्शन प्रदान करती है।
कमला देवी ने किताब में से महत्वपूर्ण अंशो का वाचन किया। वेबीनार में राजु, राधिका, हेमंत, बुद्धि पटेल, सीमा ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधार्थियों, गांधीजनों, सर्वोदय मित्रों, जीएसडीपी स्टूडेंट्स एल्यूमिनी एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं की भागीदारी उत्साहवर्धक रही।
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