जोधपुर, जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि 70 दिन की नहरंबदी के दौरान जल प्रबंधन के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ साथ आमजन का सहयोग बेहद जरूरी है ताकि इस दौरान लोगों को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि नहरबंदी के कारण कुछ समय के लिए निर्धारित मात्रा में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।
इसे देखते हुए अभी से पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही आमजन को जागरूक किया जाए कि वे पानी का व्यर्थ उपभोग न करें और नहरबंदी के दौरान पेयजल के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले पेयजल का उपयोग अन्य कार्या में न करें।उन्होंने कहा कि नहर के क्षतिग्रस्त होने के कारण करीब 35 से 40 प्रतिशत पानी की छीजत हो रही है जिससे अंतिम छोर तक सुचारू आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसे ध्यान में रखते हुए नहरबंदी कर जीर्णोद्धार कार्य कराया जाना अति आवश्यक है। ऐसी स्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति कुछ समय तक प्रभावित रहने की संभावना है। ऐसे में आमजन इस कार्य के पूर्ण होने तक जिला प्रशासन का सहयोग करे। हमारा प्रयास है कि मरम्मत के दौरान भी आवश्यक कार्यो के लिए पेयजल की सुचारू आपूर्ति हो।
जिला कलेक्टर ने की आमजन से अपील
जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की है कि वे पानी की एक भी बूंद बर्बाद न होने दे। बूस्टर का उपयोग न करें, अवैध कनेक्शन के माध्यम से पानी की चोरी करने वालों की सूचना जलदाय विभाग को दें। उन्होंने बैठक में जलदाय विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पेयजल आपूर्ति की प्रभावी मॅानिटरिंग सुनिश्चित करने के साथ ही निचले स्तर तक कार्मिकों को इसके संबंध में अवगत करवाएं व आमजन को जागरूक करें। आवश्यकता होने पर पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभाग का सहयोग लिया जाए। उन्होंने पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोलिंग के दौरान आमजन को जागरूक करें।
मुख्य अभियंता पीएचईडी नीरज माथुर ने प्रस्तावित नहर बन्दी के लिए विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जोधपुर शहर के लिए कायलाना, तखतसागर की सम्मिलित क्षमता 340 एमसीएफटी के विरुद्ध अब तक 333 एमसीएफटी भंडारण किया जा चुका है व सुरपुरा डिग्गी में भी 41 एमसीएफटी की मांग के विरुद्ध 33.79 एमसीएफटी भंडारण कर लिया गया है। नहरबंदी से पूर्व आवश्यक भंडारण कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त परियोजनाओं से जुड़े गांवो के लिए भी डिग्गियों में भंडारण किया जा रहा है।
भंडारण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताह में एक एवं जोधपुर शहर में 12 दिन में एक शटडाउन लिया जा रहा है। इस प्रकार विभाग उपलब्ध संसाधनों से व नहर में प्राप्त हो रहे पानी से नहरबंदी से पूर्व सभी डिग्गियों में 15 दिवस का पानी संग्रह कर लेगा जिससे नहर बन्दी के दौरान पेयजल व्यवस्था सामान्य रखी जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विभाग ने नहर बन्दी के दौरान पेयजल परिवहन की भी निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसके अतिरिक्त कंटिंजेंसी प्लान भी बनाया जा रहा है।
उन्होंनें बताया कि नहरबंदी तीन चरणों में की जाएगी जिसमें प्री क्लोजर 8 मार्च से 21-22 मार्च तक इसके बाद 40 दिवस का अांशिक क्लोजर तत्पश्चात 30 दिवस का पूर्ण क्लोजर किया जाएगा। बैठक में मुख्य अभियंता आईजीएनपी विनोद चौधरी, डब्लूआरडी जयपुर के ए सिंह, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता नक्षत्र सिंह, भंवराराम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुनील के पंवार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।