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अधिकारियों की कहानी में जोळ ही जोळ

एनसीबी अधिकारियों द्वारा 30 लाख मांगने का मामला

  • निरीक्षक,थाने और कांस्टेबल से एक साथ इंट्रागेशन
  • पुलिस पर मढ़ दिया 8 से 10 किलो अफीम खुर्दबुर्द करना
  • पीडि़त को भी एनसीबी ले गई अब अपने साथ
  • अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही जांच

जोधपुर,शहर के मार्बल एवं ग्रेनाइट व्यवसायी सुमेरराम से एनसीबी अधिकारी निरीक्षक,थानेदार एवं कांस्टेबल द्वारा 30 लाख रूपए मांगे जाने के मामले में पुलिस की तरफ से गहन तफ्तीश चल रही है। अब तक जांच में पुलिस को कहानी में जोळ ही जोळ नजर आ रहा है। तीनों प्रथम दृष्टया अपनी ही कहानी में उलझ सकते हैं। फिलहाल पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार नहीं किया है,अनुसंधान जारी है। पुलिस खुद कई सवालों के उत्तर जांचने में जुटी है। इधर आज सुबह एनसीबी के अधिकारी पीडि़त को ही पूछताछ के लिए अपने साथ लेकर गए हैं।

प्रकरण की तफ्तीश कर रही एसीपी प्रताप नगर प्रेम धणदे ने बताया कि एनसीबी के आसूचना अधिकारी निरीक्षक खींयाराम,कनिष्ठ आसूचना अधिकारी थानेदार भगवानसहाय मीणा एवं कांस्टेबल भागीरथ से इंट्रागेशन किया गया है। तीनों की अलग-अलग कहानी सामने आई है। तीनों से पुलिस उपायुक्त पश्चिम वंदिता राणा,अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम हरफूल सिंह,एसीपी प्रेम धणदे तीन बार एनसीबी के अन्य अधिकारियों के समक्ष पूछताछ कर चुकी है। मगर कहानी में कहीं भी सच्चाई नहीं लग रही कि मार्बल एवं ग्रेनाइट व्यवसायी सुमेरराम माली के पास से अफीम का दूध मिला है। उसके पास से आठ से दस किलो दूध होना बताया गया। इधर एनसीबी ने आरोप पुलिस पर मढ़ दिया कि पुलिस ने इस अफीम दूध को खुर्दबुर्द कर डाला।

एसीपी प्रेम धणदे ने बताया कि इन लोगों से पूछताछ की गई और आगे अनुसंधान जारी है। मगर फिलहाल इन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने मौका स्थल अशोक उद्यान के पीछे पीडि़त के परिजन से पांच लाख रूपए मंगवाए वो जब्त कर लिए गए हैं। इन लोगों ने पीडि़त मार्बल व्यवसायी से 30 लाख की डिमांड की थी।

इन सवालों के फेरों में उलझी पुलिस

पुलिस के अनुसार एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई मौके पर ही होती है। जहां से माल बरामदगी को दर्शाया जाता है। जबकि इन लोगों ने मौके से कार सहित पीडि़त सुमेरराम को साथ लेकर आए मगर माल नहीं था। एनसीबी अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि यह लोग रिसीवर को पकडऩे के लिए सुमेरराम को साथ लेकर अशोक उद्यान के पीछे कार मेें बैठे थे। पाली टोल नाके पर उसे उठाया गया तो अशोक उद्यान के पीछे लाकर क्यूं बिठाया गया। माल बरामदगी होनी थी तो वक्त घटना पाली टोल नाके पर ही बताते मगर ऐसा नहीं हुआ।

यह है मामला

मंडोर पोस्ट ऑफिस के पीछे रहने वाले कुलदीप माली पुत्र सोहनसिंह माली ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि उसका भाई सुमेरराम मार्बल और ग्रेनाइट का काम करता है। काम के सिलसिले में उसका भाई श्रीराम राजसमंद गया था। जहां से वह सोमवार को लौट रहा था। तब पाली टोल नाके पर उसके भाई को तीन शख्स ने रोक दिया। यह लोग खुद को एनसीबी वाला बताते हुए उसके भाई को मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त होने का कहकर 30 लाख रूपयों की डिमांड करने लगे। इसमें एक ने खुद को एनसीबी का निरीक्षक खींयाराम, दूसरा सबइंस्पेक्टर भगवान सहाय मीणा एवं कांस्टेबल भागीरथ होना बताया था।

रिपोर्ट में आरोप है कि इन लोगों ने उसके भाई सुमेरराम से घर से 30 लाख रूपए मंगवाने को कहा। इस पर उसने अपने परिजन से संपर्क किया, एक बारगी मामला फर्जी ना हो इसके लिए परिजन ने अपने स्तर पर परिचित एसीबी के हैडकांस्टेबल से संपर्क साधा। एसीबी हैडकांस्टेबल ने खुद को छुट्टी में होना बताया था। तब तक यह सभी कार में शहर के अशोक उद्यान के पीछे आ गए। जहां पर रूपयों की फिर डिमांड की गई। अन्यथा उसे मादक पदार्थ की तस्करी मेें फंसाने की धमकी देने लगे।

बाद में परिवादी ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड से संपर्क साधा और केस दर्ज करवाया गया। घटना में कुलदीप पंवार माली की तरफ से एनसीबी के निरीक्षक खींयाराम, सबइंस्पेक्टर भगवानसहाय एवं कांस्टेबल भागीरथ के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होने के उपरांत पुलिस ने जाल बिछाकर अशोक उद्यान के पीछे पीडि़त के परिजन को पांच लाख लेकर भेजा था। बाद में पुलिस ने पांच लाख रूपए सहित इन्हें पकड़ा और थाने लेकर आई थी।

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