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देशद्रोही आस्तीन के सांपों का अतिशीघ्र दमन करना ही उचित है-डॉ.पराशर

  • विद्या के माध्यम से अज्ञानता रूपी पूतना का वध करना चाहिए
  • सांप सर्पलोक छोड़कर भारत राष्ट्र की सीमा प्रवेश करते हैं तो उनका पूरी ताकत के साथ दमन करना चाहिए

जोधपुर,गोपाष्टमी के शुभ अवसर पर केलावा गांव स्थित रघुवंशपुरम आश्रम केशवप्रिया गौशाला के प्रांगण में गौ संरक्षण व गौ संवर्धन के पावन उद्देश्य से गोपाष्टमी महोत्सव के तहत डॉ. श्याम सुंदर पाराशर के मुखारविंद से आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पांचवें दिन की कथा में भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं के तहत पूतना वध, सकट भंजन,माखन चोरी,भगवान कृष्ण- गोपियों व बाल ग्वाल के संग विभिन्न संवादों, इंद्र के कोप से बचाने हेतु गौवर्धन धारण प्रसंग व कालिया नाग मर्दन प्रसंग का भावभरा वर्णन किया।

कथावाचक ने राक्षसी पूतना को अविद्या का स्वरूप बताते हुए कि कहा कि हमें विद्या के माध्यम से अज्ञानता रूपी पूतना का वध करना चाहिए। भगवान कृष्ण की प्रत्येक बाल लीला वर्तमान जीवन में सार्थक व अनुकरणीय सिद्ध होती है। भगवान ने सांसारिक जीव रूपी सकट को तभी तोड़ा जब वह धर्म के प्रतीक बैलों से अलग हो गई थी। उसी प्रकार जब व्यक्ति का जीवन धर्म से विमुख होकर भोग विलास में डूबने लगता है तब भगवान तुरंत लात मारकर उसे नष्ट करते हैं अतः व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा धर्म से जुड़ते हुए परमात्मा का स्थान सर्वोपरि रखना चाहिए। काम वासना व कामदेव तूफान का रूप है जिससे बचने के लिए प्रभु का स्मरण करना चाहिए।

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कालिया नाग दमन प्रसंग के माध्यम से देश द्रोहियों व घुसपैठियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि देश द्रोही रूपी आस्तीन के सांपों का अतिशीघ्र दमन करना ही उचित है व घुसपैठिए रूपी सांप अपना सर्प लोक अथवा देश छोड़कर देव भूमि रूपी भारत राष्ट्र की सीमा में यदि प्रवेश करते हैं तो उनका भी हमें पूरी ताकत के साथ दमन करना चाहिए।

महोत्सव के संयोजक संत मुरलीधर व मीना रामावत ने दीप प्रज्वलन व कथा के यजमान उम्मेद सिंह राजपुरोहित, हनुमान सिंह भाटी,उत्कर्ष क्लासेज के निदेशक निर्मल गहलोत ने भागवत पूजन के साथ कथा का शुभारंभ किया।इस अवसर पर प्रसिद्ध उद्योगपति चुन्नीलाल अग्रवाल, पुरुषोत्तम अग्रवाल प्रेम सिंह राजपुरोहित,आनंदी लाल शर्मा, अनिल अग्रवाल सहित विभिन्न धर्म प्रेमी श्रोता उपस्थित थे।

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