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ईश्वर दर्शन के लिए नितांत आवश्यक है गुरु-पूनम भारती

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का सत्संग कार्यक्रम

जोधपुर,दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा नोखड़ा बेरा केरू गांव में आयोजित तीन दिवसीय सत्संग कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रवचन करते हुए आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी पूनम भारती ने कहा कि यह विडंबना है कि मौजूदा समय में अनेक स्थानों पर प्रतिदिन सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और इनमें भारी संख्या में विचारों को सुनने के लिए संगत भी उमड़ती है परंतु दुख की बात यह है कि इन आयोजनों के बावजूद समाज में कोई परिवर्तन दिखाई नहीं दे रहा है। इसका एक मात्र कारण यह है कि आज मानव सत्संग कार्यक्रम में विचारों को मात्र सुनाने तक ही सीमित रह गया है, जबकि असल में मानव को चाहिए कि विचारों पर मनन कर ईश्वर दर्शन के लिए कदम बढ़ाना चाहिए।

महापुरुषों के अनुसार सत्संग प्रवचन का मुख्य उद्देश्य ईश्वर दर्शन के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब भी गुरु का एक जीवात्मा के जीवन में पदार्पण होता है वह सर्वप्रथम हमारी दिव्य दृष्टि को खोलकर परमात्मा के प्रकाश स्वरूप का दर्शन करवाते हैं।हमारे शास्त्रों में बताया गया है कि परमात्मा हमारे इस मानव शरीर के भीतर स्थित हैं और इसका वास्तविक स्वरूप प्रकाश है। वह ज्योतियों की परम ज्योति है, इस ज्योति को अपने घट में देखना ही ईश्वर के प्रेम का शुभारंभ है। इसके लिए एक पूर्ण सद्गुरु की नितांत आवश्यकता होती है। साध्वी ने वर्तमान सामाजिक समस्याओं से निजात पाने के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि संस्थान आध्यात्मिक और सामाजिक जागृति के लिए कार्यरत है, इसका आधार ब्रह्मज्ञान व आत्मिक जागृति है। अंत में आरती की गई, जिसमें काफी संख्या में श्रदालु उपस्थित हुए।

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