फिल्म‘सूर्या-अंत से आरंभ तक’में चिकित्सकों के चित्रण पर आईएमए ने जताई चिंता
- इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जोधपु
- सूचना एवं प्रसारण मंत्री से की समीक्षा की मांग
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),फिल्म‘सूर्या-अंत से आरंभ तक’में चिकित्सकों के चित्रण पर आईएमए ने जताई चिंता। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने फिल्म ‘SURYAА-Ant Se Aarambh Tak’ की प्रचार सामग्री में चिकित्सा पेशे के चित्रण और स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध हिंसा दिखाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अनिल कुमार जे.नायक ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म की निष्पक्ष समीक्षा और आवश्यक हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
आईएमए जोधपुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार संगठन ने आशंका जताई है कि कुछ व्यक्तियों के कथित भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण को पूरे चिकित्सा समुदाय से जोड़कर प्रस्तुत करने से ईमानदार और सेवाभावी चिकित्सकों की प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। डॉक्टरों,नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कर्मचारियों पर हमलों को वीरतापूर्ण बताने वाला चित्रण हिंसा को सामान्य मानने की प्रवृत्ति बढ़ा सकता है।
आईएमए जोधपुर के अध्यक्ष डॉ.सिद्धार्थ राज लोढ़ा एवं सचिव डॉ. प्रदीप जैन ने बताया कि चिकित्सक और मरीज के बीच विश्वास प्रभावी उपचार की बुनियाद है। पूरे चिकित्सा पेशे के प्रति अविश्वास पैदा करने वाला चित्रण इस संबंध को कमजोर करने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
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आईएमए ने स्पष्ट किया कि संगठन भ्रष्टाचार, अनैतिक चिकित्सा पद्धतियों या पेशेवर कदाचार का समर्थन नहीं करता। दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी व्यक्ति की गलती के आधार पर पूरे समुदाय को दोषी ठहराना अनुचित है।
राष्ट्रीय आईएमए ने मंत्रालय से फिल्म की विषयवस्तु की निष्पक्ष समीक्षा कराने,निर्माताओं से आवश्यक सुधार करवाने तथा कानून के तहत उचित पाए जाने पर प्रतिबंध या अन्य कार्रवाई पर विचार करने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा कि रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान है,लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी पूर्वक होना चाहिए।
