आईआईटी जोधपुर ने मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस,नीति आयोग सदस्य डॉ.वीके सारस्वत को दी मानद उपाधि

  • हरित परिवहन के भविष्य पर ऐतिहासिक राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट का विमोचन
  • नए संकाय सदस्यों को अनुसंधान के लिए प्रारंभिक अनुदान

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आईआईटी जोधपुर ने मनाया राष्ट्रीय एकता दिवस,नीति आयोग सदस्य डॉ.वीके सारस्वत को दी मानद उपाधि।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 को गौरव और अकादमिक उत्कृष्टता के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में नीति आयोग के सदस्य एवं देश के प्रख्यात वैज्ञानिक व नीति निर्माता डॉ.वीके सारस्वत को मानद उपाधि (Honoris Causa Degree) से सम्मानित किया गया। यह समारोह संस्थान के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया गया, जिसमें संकाय सदस्यों,कर्मचारियों, छात्रों और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि संस्थान तकनीक,नवाचार और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय विकास,एकता और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ.सारस्वत के रक्षा और ऊर्जा अनुसंधान,नीतिगत नवाचार और वैज्ञानिक नेतृत्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को “एक भारत,श्रेष्ठ भारत” की भावना का जीवंत उदाहरण बताया।

ऐतिहासिक रिपोर्ट का विमोचनः- “ड्राइविंग इंडिया’स सस्टेनेबल मोबिलिटी रिवॉल्यूशन” “Driving India’s Sustainable Mobility Revolution” शीर्षक से एक अग्रणी अध्ययन रिपोर्ट का विमोचन था,जिसे प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल निदेशक आईआईटी जोधपुर एवं प्रोफेसर,आईआईटी कानपुर ने तैयार किया है।इस रिपोर्ट में किए गए व्यापक लाइफसायकल उत्सर्जन और कुल स्वामित्व लागत (LCA-TCO) विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) चालित वाहन भारत के लिए सबसे सतत और किफायती परिवहन विकल्प हैं।

रिपोर्ट को इस लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है:-
https://iitk.ac.in/erl/LCA_TCO_Report_CBG-ICEV_BEV_IIT_Kanpur_Prof_Avinash_Ku mar_Agarwal.pdf

-अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया है कि CBG वाहन सबसे कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करते हैं।
-इनकी स्वामित्व लागत सबसे कम होती है
-आयात निर्भरता घटाकर आत्मनिर्भर भारत को सशक्त करते हैं।
-कचरे से ऊर्जा रूपांतरण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं।
-जैव-उर्वरक उत्पादन द्वारा जैविक खेती को प्रोत्साहित करते हैं।
-कंप्रेस्ड बायोगैस भारत के लिए एक क्रांतिकारी अवसर है जो अपशिष्ट को ऊर्जा में बदलता है, उत्सर्जन घटाता है और सच्ची आत्मनिर्भरता की दिशा में देश को अग्रसर करता है।

आज के भारत को बु‌द्धि,विज्ञान और प्रौ‌द्योगिकी के इस्पात को गढ़ना होगा ताकि एकता और आत्मनिर्भरता को सशक्त किया जा सके। आईआईटी जोधपुर में हम एक ऐसे भारत के लिए नवाचार करते हैं जो न केवल सपने देखता है, बल्कि उन्हें साकार भी करता है।

यह अध्ययन भारत के स्वच्छ, परिपत्र और आत्मनिर्भर परिवहन तंत्र के लक्ष्य को सुदृढ़ करता है तथा आईआईटी जोधपुर को सतत ऊर्जा नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करता है।

मानद उपाधि प्राप्त करने के उपरांत अपने मुख्य संबोधन में डॉ.वीके सारस्वत सदस्य नीति आयोग ने कहा कि विकसित भारत @2047 का मार्ग ईमानदारी,अनुशासन, व्यवहारिकता और एकता जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों पर आधारित है। सरदार पटेल के ईमानदारी, अनुशासन और एकता के आदर्श आज भी भारत के युवाओं को प्रेरित करते हैं। जब हम विकसित भारत @2047 की ओर अग्रसर हैं,ये मूल्य एक आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र की नींव बने रहेंगे।

उन्होंने आईआईटी जोधपुर द्वारा मेडटेक,एआईओटी,स्वच्छ ऊर्जा एवं थार पारिस्थितिकी तंत्र के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान आत्मनिर्भर भारत के अग्रदूत हैं।

समारोह में डॉ.जीडी.पुरी,कार्यकारी निदेशक,एम्स जोधपुर ने भी उपस्थिति दर्ज कराई और राष्ट्र निर्माण में सहयोगात्मक नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। सरदार पटेल का एकजुट और प्रगतिशील भारत का सपना आज भी सहयोग और नवाचार के माध्यम से जीवित है। आईआईटी जोधपुर का एआई, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण के क्षेत्र में योगदान इस राष्ट्रनिर्माण की भावना को दर्शाता है।

नवीन अनुसंधान के लिए अनुदान:-
इस अवसर पर आईआईटी जोधपुर ने ₹1.75 करोड़ मूल्य के अनुसंधान प्रारंभिक अनुदान (Research Initiation Grants) की घोषणा की,जो सात नव-नियुक्त संकाय सदस्यों को विभिन्न क्षेत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता,विद्युत अभियांत्रिकी और रसायन शास्त्र में प्रारंभिक शोध कार्य हेतु प्रदान किए गए। प्रत्येक पुरस्कार ₹25 लाख का है और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।

समारोह का समापन भारत के लौह पुरुष,सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। उनके आदर्शों के अनुरूप, आईआईटी जोधपुर ने नवाचार आधारित शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से भारत की तकनीकी संप्रभुता और समावेशी विकास को सशक्त करने के अपने संकल्प को पुनः दोहराया।

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