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हाईकोर्ट ने दो बच्चों की मां को लिव-इन पार्टनर के साथ रहने की दी आजादी

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),हाईकोर्ट ने दो बच्चों की मां को लिव-इन पार्टनर के साथ रहने की दी आजादी। राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में दो बच्चों की 30 वर्षीय मां को लिव-इन पार्टनर के साथ रहने की आजादी दी है। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण और जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट राहुल सोनी ने पैरवी करते हुए कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता और उक्त महिला लिव-इन में रह रहे थे और 19 जून 2026 को हाईकोर्ट से प्रोटेक्शन ऑर्डर भी प्राप्त कर चुके हैं। इसके बावजूद महिला के कानूनी पति ने उसे अवैध रूप से निरुद्ध कर रखा है। इस पर कोर्ट ने महिला को पेश करने का आदेश दिया था। महिला कोर्ट में पेश हुई। कोर्ट ने दो नाबालिग बच्चों का हवाला देते हुए काउंसलिंग के लिए नारी निकेतन भेजने का सुझाव दिया,लेकिन महिला ने साफ इनकार कर दिया।

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महिला ने कहा कि मेरा फैसला नहीं बदलेगा,मुझे अपने लिव-इन पार्टनर के साथ ही रहना है,मैं पति को तलाक देने को तैयार हूं। इस पर खंडपीठ ने कहा कि महिला बालिग है और स्वेच्छा से जीवन जीने के लिए स्वतंत्र है। कोर्ट ने हैबियस कॉर्पस याचिका को स्वीकार करते हुए महिला को मुक्त किया। कोर्ट ने रजिस्ट्री को याचिकाकर्ता द्वारा जमा डिमांड ड्राफ्ट वापस लौटाने के भी निर्देश दिए।