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निजी अस्पताल में चिरंजीवी योजना के मरीज को पकड़ाया साढ़े तीन लाख का बिल

  • ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा के आगे झुका अस्पताल प्रशासन
  • कलेक्टर सीएमएचओ पहुंचे

जोधपुर, शहर के एक निजी चिकित्सालय में शनिवार शाम चिरंजीवी योजना के तहत इलाज न करने को लेकर विवाद हो गया। सूचना मिलने के बाद ओसियां विधायक दिव्या मदेरणा भी अस्पताल पहुंच गईं और उन्होंने अस्पताल पर वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि गांव से आए मरीज से पहले सवा लाख रुपए लिए, फिर इलाज के बाद 3.50 लाख का बिल थमा दिया। इसके बाद विधायक दिव्या मदेरणा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि 3 डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। दिव्या ने कलेक्टर से लेकर जयपुर तक बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद वे अड़ गईं और कहा कि जमा कराए गए सवा लाख रुपए भी वापस लेकर जाएंगे। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। देर रात कलेक्टर व सीएमएचओ भी पहुंचे। इसके बाद एसोसिएशन ने मरीज की स्थिति को देखते हुए देर रात इलाज कराने के लिए सहमति दी है।

जानकारी के अनुसार जिले के धनारीकलां गांव के एक व्यक्ति को 7 सितम्बर को हार्ट अटैक आया था। परिजन इलाज के लिए भदवासिया क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे,उस समय मरीज स्थिति बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों का कहना था कि उसके शरीर में 25 मिनट तक कोई हरकत नहीं थी, लगातार प्रयास करने के बाद शरीर में हरकत हुई और इलाज शुरू करने के लिए डॉक्टरों ने सवा लाख रुपए जमा करवा लिए। अब उसे डिस्चार्ज करने के साथ कुल साढ़े तीन लाख का बिल थमा शेष राशि की मांग की गई। परिजनों ने कहा कि मरीज चिरंजीवी योजना में पंजीकृत है। ऐसे में लाभ मिलना चाहिए। लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया। इसके बाद विवाद शुरू हो गया जो देर रात तक चलता रहा।

एंजियो प्लास्टि का इलाज शामिल नहीं

बताया गया कि चिरंजीवी योजना में प्राइमरी एंजियो प्लास्टी का इलाज शामिल नहीं है। इसको लेकर जबरन विवाद किया गया। मरीज की स्थिति को देखते हुए एसोसिएशन इलाज कराएगा। देर रात तक चले विवाद के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया।

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