मुख्यमंत्री गहलोत के भाई अग्रसेन के घर व दुकान पर अलसुबह सीबीआई की रेड
- पहले ईडी भी दे चुकी रेड
- गहलोत दिल्ली में व्यस्त
- मामले को लेकर राजनीतिक हलचलें तेज
जोधपुर, प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर शुक्रवार की अलसुबह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने एक मामले को लेकर छापा मारा। मामला पोटाश को लेकर है। कुछ अरसे पहले प्रवर्तन निदेशालय ईडी की तरफ से भी छापेमारी की गई थी। मुख्यमंत्री गहलोत इस वक्त प्रदेश से बाहर दिल्ली मेें होना बताए जाते हैं। इस छापेमारी को राजनीतिक ढंग से भी देखा जा रहा है। दोपहर तक सीबीआई की टीम इस पर अनुसंधान में लगी थी।
मुख्यमंत्री गहलोत के भाई अग्रसेन के घर और दुकान पर सीबीआई ने छापा मारा है। अग्रसेन गहलोत पर आरोप है कि 2007 से 2009 के बीच फर्टिलाइजर बनाने के लिए जरूरी पोटाश किसानों में बांटने के नाम पर सरकार से सब्सिडी पर खरीदी और प्रोडक्ट निजी कंपनियों को बेचकर मुनाफा कमाया। इस मामले की जांच में भी चल रही है। कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनाल्टी भी लगाई थी। अग्रसेन की अपील पर हाईकोर्ट ने ईडी से जुड़े मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। अब इस मामले में सीबीआई ने जांच शुरू की है।
सुबह अचानक पहुंची टीम, शहर में चर्चा
गहलोत के भाई अग्रसेन के ठिकानों पर शुक्रवार अलसुबह अचानक से सीबीआई की टीम पहुंची। उस समय अग्रसेन घर पर ही थे। सीबीआई की टीम में पांच अधिकारी दिल्ली और पांच अधिकारी जोधपुर से हैं। फिलहाल टीम के सदस्य जांच में जुटे हैं। अंदर किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। बताया जाता है कि एक टीम दुकान पर भी पहुंची है।
सीबीआई रेड की जानकारी मिलने पर शहर में चर्चा का माहौल गर्मा गया।
यह बताया जाता है मामला
प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों के अनुसार अग्रसेन गहलोत की कंपनी अनुपम कृषि, म्यूरियेट ऑफ पोटाश (एमओपी) फर्टिलाइजर के एक्सपोर्ट पर बैन होने के बावजूद उसके निर्यात में शामिल थी। एमओपी को इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) इम्पोर्ट कर किसानों को सब्सिडी पर बेचती है।
अग्रसेन गहलोत इसके ऑथराइज्ड डीलर थे। 2007 से 2009 के बीच उनकी कंपनी ने सब्सिडाइज रेट पर एमओपी खरीदा लेकिन उसे किसानों को बेचने की बजाय दूसरी कंपनियों को बेच दिया। उन कंपनियों ने एमओपी को इंडस्ट्रियल सॉल्ट के नाम पर मलेशिया और सिंगापुर पहुंचा दिया। डायरेक्ट्रोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने 2012-13 में फर्टिलाइजर घोटाले का खुलासा किया था। जानकारी के अनुसार कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनाल्टी भी लगाई थी।
दोपहर तक चलती रही कार्रवाई
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम शुक्रवार दोपहर तक इस बारे में पड़ताल करती रही। उनके मकान और दुकान में किसी को भी प्रवेश से मनाही कर दी गई थी। सुबह से ही इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना होने के साथ राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है।
दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन डाउनलोड करें –http://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews