निजी अस्पताल में कैश काउंटर प्रभारी पर 29.38 लाख गबन का आरोप
निजी खातों में ट्रासंफर करने का आरोप
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),निजी अस्पताल में कैश काउंटर प्रभारी पर 29.38 लाख गबन का आरोप। शहर के कमला नेहरू नगर स्थित एक निजी अस्पताल के कैश काउंटर महिला प्रभारी पर 29.38 लाख रुपए के गबन का आरोप लगा है। इस बारे में प्रताप नगर थाने में मामला दर्ज करवाया है।
अस्पताल संचालिका डॉ. सीमा शर्मा का आरोप है कि महिलाकर्मी ने मरीजों से प्राप्त राशि को अस्पताल के अधिकृत बैंक खातों में जमा कराने के बजाय अपने परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। जिससे अस्पताल को आर्थिक नुकसान हुआ।
मामले में अब जांच एएसआई भजनीराम की तरफ से की जा रही है।
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प्रतापनगर थानाधिकारी भवानी सिंह ने बताया कि निजी अस्पताल की संचाचक डॉ.सीमा शर्मा ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया कि उनके अस्पताल में महिला कर्मी की नियुक्ति 21 मई 2025 को हुई थी। हर महीने 15 हजार रुपए वेतन पर कैश काउंटर का काम सौंपा था। उसकी जिम्मेदारी मरीजों से ओपीडी,आईपीडी व लैब सहित अन्य सेवाओं की फीस लेना,ऑनलाइन भुगतान करवाना और राशि अस्पताल के खातों में जमा कराना था।
वित्तिय अनियमितता मिली
वित्तीय रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आने पर अस्पताल ने अपने स्तर पर जांच कराई। ओपीडी, आईपीडी रजिस्टर,लैब रिकॉर्ड,कैश रजिस्टर, दैनिक नकद प्राप्ति,ऑन लाइन भुगतान रिकॉर्ड, बिलिंग सॉफ्टवेयर तथा आरोपी के उपलब्ध बैंक खातों के स्टेटमेंट का मिलान किया गया। इसमें 29.38 लाख 269 रुपए नुकसान का दावा किया गया। आरोपी ने लिखित रूप से करीब 4 लाख रुपए निजी उपयोग में लेना भी स्वीकार किया। राशि लौटाने की सहमति भी जताई थी।
स्कूटर और मोबाइल पर खर्च का संदेह
रिपोर्ट में डॉ.सीमा शर्मा ने संदेह जताया है कि महिलाकर्मी ने अपने पति के लिए करीब डेढ़ लाख का नया स्कूटर खरीदा। साथ ही अपनी ननद को 85 हजार का मोबाइल भी दिलाया। इसके लिए गबन की राशि का इस्तेमाल किया गया है।
