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  • सेना की एंबुलैंस मिलिट्री अस्पताल लेकर गई
  • प्रोटोकॉल में हो रही कार्रवाई, पुलिस भी पहुंची

जोधपुर, अभ्यास के दौरान तख्तसागर में डूबे सेना की 10 पैरा यूनिट के कैप्टन अंकित गुप्ता का शव मंगलवार को छठे दिन मिल गया। उनकी तलाश में करीब 120 घंटों से सेना और पुलिस के साथ गोताखोर जुटे हुए थे। उनका शव पूरी तरह से गल चुका है। शव कायलाना की गहराई में चट्टानों व काई के नीचे फंस गया था। इसे निकाल कर तुरंत सेना की एंबुलैंस से मिटिट्री अस्पताल ले जाया गया है। जहां पर सैन्य प्रोटोकॉल में कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय राजीव गांधी नगर पुलिस भी सैन्य अस्पताल पहुंची है। फिलहाल पोस्टमार्टम सामान्य ढंग से होगा या फिर मेडिकल बोर्ड से यह स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आया है। सेना की तरफ से अभी तक रिपोर्ट नहीं दी गई है। केंप्टर अंकित गुप्ता की तलाश में करीब दो सौ से अधिक जवान, गोताखोर व विशेषज्ञ डेढ़ दर्जन नावों के साथ

अभियान में जुटे हुए थे। सोमवार की देर रात तक कायलाना में सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद सेना ने आज सुबह दिन निकलने के साथ एक बार फिर अपना अभियान शुरू किया। उनकी तलाश में चप्पा-चप्पा छानने के लिए कैमरों की मदद ली जा रही थी। दोपहर में तलाशी अभियान के दौरान लापता कैप्टन अंकित गुप्ता का शव मिल गया। ज्ञात हो सेना ने कैप्टन अंकित की खोज के लिए सभी तरीकों को आजमाया। कैप्टन की तलाश के लिए तख्त सागर पर चलाए गए सबसे बड़े सर्च अभियान में सेना पूरे पानी को हिलाने में लगी हुई थी। यहां बड़े-बड़े कंप्रेशरों की मदद से जलाशय के भूतल के पानी को ऊपर उठाया गया। इससे बड़ी हिलोरे उठी। इन हिलोरों के साथ ही कैप्टन अंकित के शव बाहर निकल आया। छह दिन पहले हेलिकॉप्टर से कूद तखत सागर की गहराइयों में गायब हुए कैप्टन अंकित को खोज पाना बेहद जटिल हो गया था। सेना के कई विशेषज्ञ लगातार पानी से भरे तख्तसागर में उनकी खोज में जुटे थे। सर्च ऑपरेशन से जुड़े लोगों का मानना है कि पानी में डूबा कोई व्यक्ति अमूमन तीसरे दिन तक हर हालत में ऊपर आ जाता है लेकिन कैप्टन अंकित के मामले में ऐसा नहीं हो पाया।
यूं हुआ था हादसा
सेना की 10 पैरा यूनिट के टॉप चयनित कमाण्डो गत गुरुवार को दोपहर करीब बारह डूबतों को बचाने का अभ्यास कर रहे थे। हैलिकॉप्टर ने रस्सी की मदद से पांच कमाण्डो को तखत सागर झील के बीचों-बीच उतारा था। अभ्यास के बाद चार कमाण्डो रस्सी पकड़ कऱ हैलिकॉप्टर में पहुंच गए, लेकिन कैप्टन अंकित गुप्ता गहरे पानी में लापता हो गए। कैप्टन व कमाण्डो को पानी में डूबने वालों को एयर लिफ्ट कराना था। कैप्टन अंकित को झील से बाहर निकालने के लिए सेना, सिविल डिफेंस व मालवीय बंधु के गोताखोर के अलावा देश के सर्वोच्च नेवी के मार्कोस गोताखोरों की पूरी टीम तलाश कर रही थी। पुलिस व गोताखोरों को अंदेशा है कि सर्दी व ठण्डे पानी की वजह से उन्हें हार्ट अटैक आ गया होगा। 61 फीट भराव क्षमता वाले तख्तसागर में इस समय 46 फीट पानी भरा हुआ है। इसका तल समतल नहीं होकर पहाड़ी क्षेत्र है। साथ ही इसमें बहुत अधिक झाड़ीयां उगी हुई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पानी की गहराई में जाने के दौरान अंकित इनके बीच में कहीं फंस गए होंगे।

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