बार कौंसिल ऑफ राजस्थान कार्य समिति की बैठक सम्पन्न

प्रतिमाह दो शनिवार को कार्य दिवस निर्धारित किया जाना अधिवक्ता हितों के विरुद्ध बताया

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),बार कौंसिल ऑफ राजस्थान की कार्यकारिणी समिति की बैठक रविवार 04 जनवरी को भुवनेश शर्मा,चेयरमेन की अध्यक्षता में बार कौंसिल ऑफ राजस्थान,जोधपुर के कार्यालय में हाइब्रिड मोड पर सम्पन्न हुई।

इस बैठक में जगमाल सिंह चौधरी, राजेश पंवार,रामप्रसाद सिंगारीया एवं विशेष आमंत्रित सदस्य देवेन्द्र सिंह राठौंड उपाध्यक्ष,नवरंग सिंह चौधरी व रणजीत जोशी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए। सदस्य घनश्याम सिंह राठौड़,योगेंद्र सिंह शक्तावत व सुरेश चन्द्र श्रीमाली,सह अध्यक्ष,बार कौंसिल ऑफ इण्डिया, हरेन्द्र सिंह सिनसिनवार,सहअध्यक्ष,सैयद शाहिद हसन,कुलदीप कुमार शर्मा,सुशील कुमार शर्मा ने विडियो कॉफ्रेंसिग के जरिए बैठक में भाग लिया।

उल्लेखनीय है कि कार्यकारिणी समिति की आपातकालीन बैठक उच्च न्यायालय द्वारा प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्य दिवस के रूप में घोषित किए जाने तथा रात्रि कालीन न्यायालय के संचालन के संबंध में विभिन्न अभिभाषक संघों से प्राप्त प्रतिवेदनों पर विचार-विमर्श हेतु आहूत की गई थी। उक्त बैठक में कार्यकारिणी समिति द्वारा सर्व सम्मति से यह मत व्यक्त किया गया कि प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्य दिवस घोषित किए जाने से अधिवक्ताओं की कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए अधिवक्ता समुदाय से परामर्श किए बिना उच्च न्यायालय द्वारा वार्षिक कैलेंडर में प्रतिमाह दो शनिवार को कार्य दिवस निर्धारित किया जाना अधिवक्ता हितों के विरुद्ध है।

इसके अतिरिक्त,कार्यकारिणी समिति द्वारा सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि अधिवक्ताओं की कार्यक्षमता के लिए अनुकूल वातावरण सृजित करने तथा उनकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति को संतुलित एवं गुणवत्ता पूर्ण बनाए रखने के उद्देश्य से राजस्व न्यायालयों एवं केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरणों के अनुरूप जिला एवं सत्र न्यायालयों में भी पांच दिवसीय साप्ताहिक कार्य-दिवस व्यवस्था लागू किए जाने के संबंध में सहमति प्रकट की जाती है,ताकि अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों को प्रकरणों की सुनवाई एवं निष्पादन में उच्च स्तरीय गुणवत्ता प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हो सके।

समिति ने उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में यह निर्णय लिया कि उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाए कि प्रतिमाह दो शनिवार को कार्य दिवस के रूप में घोषित किए जाने संबंधी प्रासंगिक अधिसूचना/निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए तथा अधीनस्थ न्यायालयों में भी पांच दिवसीय साप्ताहिक कार्य-पद्धति लागू किए जाने के विषय में सहानुभूति पूर्ण विचार किया जाए।

श्रीमदभागवत महापुराण ज्ञानयज्ञ पाठ संपन्न

भविष्य में न्यायिक कार्य प्रणाली से संबंध रखने वाले किसी भी प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व अधिवक्ता समुदाय से समुचित परामर्श लिया जाए,जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अधिवक्ताओं की सहभागी भूमिका एवं हितों का समुचित संरक्षण सुनिश्चित हो सके। समिति द्वारा अधिवक्ताओं से प्राप्त नाम परिर्वतन हेतु आवेदन पत्रों पर विचार-विमर्श कर उनका उचित निस्तारण किया गया।

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