Doordrishti News Logo

जोधपुर, आशा सहयोगिनियो ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि उन्हें भी सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग में कार्यरत सिर्फ कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया गया है जबकि इसी विभाग में आशा सहयोगिनियां भी कई वर्षों से कार्य कर रही हैं। केंद्रीय व राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को आशा सहयोगिनियां घर-घर तक पहुंचा कर जन समुदाय व सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम कर रही हैं। समय-समय पर स्वास्थ्य मंत्रालय दिल्ली से आशा के कार्य की जानकारी भी ली जाती है।  एनएचएम प्रोग्राम (राष्ट्रीय हेल्थ मिशन) राष्ट्रीय प्रोग्राम है और आशा सहयोगिनियां इसके तहत कार्य कर मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और कुपोषण के शिकार बच्चों की देखभाल जैसे कार्य भी कर रही हैं। इन सभी कार्यों को अनदेखा करते हुए आशा के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उनकी मांग है कि महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की तरह आशा सहयोगिनियों को भी पांच वर्ष की सेवा अवधि के बाद सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान हो, ताकि आशा सहयोगिनियां भी जन कल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचा सके।

Related posts:

मकर संक्रांति पर गांधी मैदान में आयोजित होगा पतंग उत्सव

January 14, 2026

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन दिवसीय प्रवास जोधपुर पहुँचे

January 14, 2026

प्रोपर्टी कारोबारी पर डराने धमकाने व फसल नष्ट करने का आरोप

January 14, 2026

आपसी मनमुटाव के चलते पति ने पत्नी की पीठ में घोंपी कैंची

January 14, 2026

माहेश्वरी ट्रेड फेयर में कार का लॉक तोड़कर चुराए दो बैग और लेपटॉप

January 14, 2026

युवक पुलिस को देखकर भागने लगा जैकेट की जेब में मिला 300 ग्राम अफीम का दूध

January 14, 2026

कार का एक्सीलेटर दबते ही भागी महिला को चपेट में लिया,मौत

January 13, 2026

सरकारी स्कूल में आपसी विवाद के बाद नाबालिग छात्र लड़े एक घायल

January 13, 2026

विभिन्न मांगों को लेकर नर्सेज ने चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

January 13, 2026