जोधपुर, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्रसिंह भाटी और छात्रावास संख्या तीन के अधीक्षक व एनसीसी के कमांडेंट कमल सिंह के बीच चल रही तनातनी शनिवार को चरम पर पहुंच गई। जोधपुर शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई छात्रों को एनसीसी में भर्ती नहीं करने पर रविंद्रसिंह भाटी की अगुवाई में छात्र धरने पर बैठ गए। पहले उन्होंने रातानाडा पुलिस थाना के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद वे सभी ओल्ड कैंपस में सायंकालीन संकाय पहुंचे और यहां धरना देकर बैठ गए। धरने में कोरोना गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ी। उनमें किसी तरह की सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी। अधिकांश छात्रों ने मास्क नहीं पहना हुआ था। कई छात्रों के मास्क गले में लटके हुए थे। विवि के निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्रसिंह भाटी ने बताया कि एनसीसी के कमांडेंट और छात्रावास संख्या तीन के अधीक्षक कमल सिंह अपनी मनमानी कर रहे है। एनसीसी में भर्ती के लिए यहां शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से कई छात्र आए है। उनको भर्ती नहीं कर साफ शब्दों में वे जाने के लिए कह रहे हैं। इसके लिए आज विरोध जताया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंचे और उन्होंने कोरोना गाइडलाइन का हवाला दिया लेकिन निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्रसिंह भाटी और उनके समर्थक छात्रों ने किसी प्रकार की गाइडलाइन का पालन नहीं किया।
दरअसल निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्रसिंह भाटी और छात्रावास संख्या तीन के अधीक्षक व एनसीसी के कमांडेंट कमल सिंह के बीच एक दिन पहले ही मामला गर्मा गया था। शुक्रवार को एनसीसी में भर्ती के लिए कार्यक्रम चल रहा था। तब कमल सिंह ने कुछ स्टूडेंट्स के साथ विवाद होने पर पुलिस को मौके पर बुला लिया। इस पर स्टूडेंट्स ने निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्रसिंह भाटी को फोन कर बुला लिया। भाटी ने मौके पर पहुंचते ही कहा कि विवि के मामले में पुलिस का क्या काम है? अगर कोई समस्या है तो विवि अपने स्तर पर कार्रवाई करें। इस बात को लेकर भाटी की कमल सिंह के बीच बहसबाजी हो गई। इस पर भाटी ने कमल सिंह से कहा कि आप छात्रावास के अधीक्षक हैं। वहां कभी आए हैं? किस गंदगी और समस्याग्रस्त हॉस्टल में स्टूडेंट्स रहने को मजबूर हैं। इस पर कमल सिंह उखड़ गए और इस्तीफा लिख भाटी को पकड़ा दिया।
