ईदुल फितर की नमाज अदा कर मांगी खुशहाली की दुआएं

  • ईदुल फितर: भाईचारा,मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम
  • रोज़ेदारों के लिए इनाम का दिन

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),ईदुल फितर की नमाज अदा कर मांगी खुशहाली की दुआएं। माहे रमजान में रोजा और इबादत के बाद आज शहर और जिले में ईदुल फितर का पर्व हर्षोउल्लास और खुशियों के साथ मनाया गया। जोधपुर शहर में मुख्य नमाज जालोरी गेट स्थित बड़ी इदगाह में अदा की गई। इसके साथ शहर की तमाम छोटी बड़ी मस्जिदों में भी नमाजियों ने ईदुल फितर की नमाज अदा कर एक दूसरे को ईद मुबारकबाद दी।

पुलिस और प्रशासन ने भी इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था के माकूल इंतजाम किये। बाद नमाज भी शहर में विभिन्न चौराहे और मस्जिदों तथा संवंदेनशील क्षेत्रों में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता और गश्ती दल घूमते नजर आये। राजस्थान के आध्यात्मिक दीनी मरकज़ दारूल उलूम इस्हाकिया मुफ्ती-ए-आज़म राजस्थान मुफ़्ती शेर मोहम्मद खान रिज़वी एवं शहर खतीब व पेश इमाम काज़ी मोहम्मद तैयब अंसारी की सरपरस्ती में जालोरी गेट स्थित बड़ी ईदगाह मस्जिद में ईदुल फितर की नमाज़ पेश इमाम मौलाना मोहम्मद हुसैन अशरफ़ी ने अदा करवाई।

इस अवसर पर बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने नमाज़ अदा कर अल्लाह का शुक्र अदा किया और मुल्क में अमन,भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगीं। मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान की रुख़्सती और शव्वाल का चाँद नजऱ आते ही मनाई जाने वाली ईदुल फितर, भाईचारगी,मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देने वाला अज़ीम त्योहार है। इस मौके पर आसमानी फ़रिश्ते अल्लाह की तरफ़ से पूरे रमज़ान रोज़े रखने वाले नेक और इबादतगुज़ार बंदों को इनाम देने के लिए पुकारते हैं।

ईदुल फितर ईद के मौके पर मुफ्ती-ए-आज़म राजस्थान मुफ़्ती शेर मोहम्मद खान रिज़वी ने फरमाया कि ईद सिर्फ खुशियां मनाने का नाम नहीं,बल्कि गरीबों, यतीमों और जरूरतमंदों को अपनी खुशियों में शामिल करने का दिन भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ईद के मौके पर अपनी हैसियत के मुताबिक अच्छे कपड़े पहनें, खुश्बू लगाएं और मीठी सेवइयां, खजूर व खीर बनाकर आपस में मोहब्बत बढ़ाएं।

शहर खतीब काजी मोहम्मद तैयब अंसारी ने कहा कि ईदगाह जाने और वापस लौटने के लिए अलग- अलग रास्तों का इस्तेमाल करना सुन्नत है और इसमें समाज के हर तबके से मिलने-जुलने का संदेश छुपा है। संस्थान प्रवक्ता शौकत अली लोहिया ने बताया कि रमज़ान के मुकम्मल होने के बाद ईद का दिन दरअसल अल्लाह का शुक्र अदा करने,उसकी हम्द-ओ-सना बयान करने और अपने गुनाहों की तौबा करने का दिन है।

उन्होंने कहा कि ईद का असल मकसद आपसी मोहब्बत, अख़्लाक,भाईचारे और इंसानियत को मजबूत करना है।ईदुल फितर हमें यह पैगाम देती है कि हम अपने दिलों में मोहब्बत, रहमत और इंसानियत को जगह दें,एक-दूसरे के दुख-दर्द में शरीक हों और समाज में अमन-ओ-सुकून का माहौल कायम करें।

इस्तकबाल और मुबारकबाद का सिलसिला 
पूर्व नरेश गजसिंह और जोधपुर नगर निगम की ओर से शहर खतीब काजी मोहम्मद तैयब अंसारी व ईदगाह मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मोहम्मद हुसैन अशरफी का गुलपोशी व साफा द्वारा इस्तकबाल कर ईदुल फितर की मुबारकबाद पेश की। क्षेत्रीय पूर्व पार्षद परवीन इलियास मोहम्मद की ओर से ईदगाह में शिरकत करने वाले जनप्रतिनिधियों में पूर्व राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह सोलंकी, सांसद प्रत्याशी करण सिंह उचियारडा,पूर्व विधायक शहर मनीष पंवार,पूर्व महापौर कुन्ती परिहार देवड़ा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश जोशी,समाज सेवी इकबाल खान बैण्डबॉक्स, भाजपा अल्पसंख्यक नेता मोहम्मद युसूफ चौधरी,प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों व और समाजसेवियों का साबिर बुन्दू भाई,अब्दुल हमीद, जावेद हुसैन,तसलीम अब्बासी, साबिर गोप,पीर मोहम्मद सहित ईदगाह निवासियों व जोधपुर शहर व आस-पास के क्षेत्र से आये आमजन की मौजूदगी में मारवाड़ की परंपरा अनुसार गुलपोशी व साफा पहनाकर गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया।

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इस दौरान सभी ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश की और आपसी भाईचारे व सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लिया। ईद के इस मुबारक मौके पर मुफ्ती-ए-आज़म राजस्थान की ओर से पुलिस प्रशासन के अधिकारियों पुलिस कमिश्नर शरत कविराज, डीसीपी पश्चिम कमल शेखावत, डीसीपी पूर्व मनीष चौधरी,डीसीपी ट्रेफिक शाहीन सी.डीसीपी निरंजन शर्मा व नरपत सिंह,एसीपी छवि शर्मा,सीआई जयकिशन सोनी, जुल्फिकार अली,शकील अहमद व तेजकरण का माकूल सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा किया गया।

इस मौके पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए बधाई संदेश भी पढक़र सुनाए गए, जिनमें कौमी एकता,अमन और भाईचारे को और मजबूत करने का आह्वान किया गया।