• हत्यारों ने शव पर मिट्टी डाल दी
  • मृतक के जेब में मिले मोबाइल से हो पाई पहचान

जोधपुर, शहर के निकट सुरपुरा डेम के पास में खेत की मेड पर बनी नाली में मिट्टी से ढका एक युवक का शव मिला। उसके पैर बंधे थे। प्रथम दृष्टया ही मामला हत्या का लगने पर पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। शव की तलाशी लिए जाने पर जेब से मोबाइल मिला। इस पर उसकी पहचान की गई। मृतक इलेक्ट्रीशियन था। उसके भाई ने पहचान की।

इलेक्ट्रीशियन की हत्या कर

22 अगस्त की रात में वह निकला था। संभवत: उसी रात में उसकी हत्या की गई। गर्मी की वजह से शरीर पर पानी निकलने के साथ त्वचा भी काली पड़ चुकी थी। जाहिर चोट के निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में गला घोंट कर हत्या की आशंका पूर्ण रूप से बनी है। पुलिस ने आस पास के इलाके में छानबीन की। 22 की रात को बारिश होने से किसी गाड़ी के निशान तो पुख्ता तौर पर नहीं मिले है। मगर एक बाइक के निशान जरूर देखे गए हैं। पुलिस इस बारे में तफ्तीश कर रही है। हत्या कहीं और करना सामने आ रहा है।

इलेक्ट्रीशियन की हत्या कर

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पूर्व भागचंद ने बताया कि मंगलवार की दोपहर में सूचना मिली कि सुरपुरा बांध के नजदीक एक खेत की मेड पर बनी नाली में किसी का शव मिट्टी डालकर दबाया गया है। इस पर पुलिस के आलाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। तब मृतक के जेब से मिले मोबाइल पर संपर्क साधा गया। उसकी पहचान खेड़ापा के चांदरख निवासी 21 साल के मोहनराम पुत्र केसाराम जाट के रूप में की गई। मोबाइल पर जिन नंबर से संपर्क हुआ वो नंबर उसके साथ काम करने वाले अन्य इलेक्ट्रीशियन के थे।

इलेक्ट्रीशियन की हत्या कर

23 को कराई गई गुमशुदगी दर्ज

एडीसीपी भागचंद ने बताया कि मृतक 22 अगस्त की रात को मंडोर हलके में सुरपुरा के निकट एक कॉलोनी में अपने तीन साथियों के संग रह रहा था। वह 22 अगस्त की रात को उनके साथ था। सुबह साथ वाले उठे तब वह नहीं मिला। इस पर 23 को साथ काम करने वाले ने ही मंडोर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई। आज मृतक के भाई देवाराम ने उसकी पहचान की।

दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन अभी डाउनलोड करें –https://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews

16 अगस्त को आया था काम पर

पुलिस ने आरंभिक पड़ताल में पाया कि मृतक मोहनराम 16 अगस्त को ही काम पर आया था। वह अपने तीन चार साथियों के संग बिजली फिटिंग का कार्य करता था। ये लोग एक साथ ही रहते थे। 22 की रात को उसके साथी और वह साथ में ही थे। मगर अगले दिन यानी 23 की सुबह मोहनराम नदारद मिला।

पैर बंधे होने से हत्या की पूरी संभावना

एडीसीपी भागचंद ने बताया कि मोहनराम की हत्या की गई है। उसके पैर बंधे थे। मगर हाथ खुले ही थे। हत्यारों ने हत्या के बाद शव पर मिट्टी डाल दी थी। गर्मी से उसकी त्वचा काली पड़ गई। मौका ए हालात से प्रतीत हुआ कि हत्या कहीं और की गई है।

साथ वालों से पुलिस कर रही पूछताछ

पुलिस मृतक मोहनराम के साथ रहने वाले उसके तीन साथियों से पूछताछ में जुटी है। मोबाइल कॉल डिटेल से पता लगता है कि अंतिम कॉल लोकेशन उनके साथ ही थी। अंतिम बार उनसे ही बात हुई थी।

सवाल.. हत्यारे ने मोबाइल जेब में क्यूं छोड़ा?

पुलिस को मृतक की जेब से उसका मोबाइल बरामद हुआ है। अब सवाल यह उठ रहा है कि हत्या करने वाले उसका मोबाइल जेब में क्यूं छोड़ा? वह अपने साथ ले जा सकता था। क्या पुलिस को इसमें गुमराह करने का प्रयास किया गया है। कहीं साथ वाले तो इस साजिश में शामिल नहीं है।

हत्यारे के पकड़े जाने पर आएगा कारण सामने

हत्या की वजह कोई भी हो सकती है। प्रेमप्रसंग या फिर कोई रंजिश अथवा विवाद। पुलिस हत्यारे के पकड़े जाने पर ही इसकी वजह बता पाएगी। कोई लेन देन का विवाद भी हो सकता है। फिलहाल पुलिस उसके साथियों से पता गाने का प्रयास कर रही है। बुधवार को शव का मथुरादास माथुर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

ये भी पढें – पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा सहित छह को मिली जमानत

दूरदृष्टिन्यूज़ की एप्लिकेशन अभी डाउनलोड करें –https://play.google.com/store/apps/details?id=com.digital.doordrishtinews