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मेहरानगढ में माता के दर्शन सुबह 7 से शाम पांच बजे तक

  • नवरात्रा 26 से
  • 26 सितम्बर से 4 अक्टूबर तक दुर्गापाठ का वाचन
  • 3 अक्टूबर को अष्टमी की रात हवन

जोधपुर,शारदीय नवरात्र इस बार 26 सितंबर से शुरू हो जाएंगे। घर-घर घट स्थापना के साथ नवरात्र के आगाज पर अब तैयारियां आरंभ कर दी गई है। इधर मेहरानगढ मेें विशेष सुरक्षा बंदोबस्त किए जा रहे हैं। इस बार दर्शनों का समय सुबह सात से शाम पांच बजे तक ही रहेगा। मंदिर में शराब साथ लाना,पीकर आने वाले दर्शनार्थियों का प्रवेश निषेध रहेगा।

मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के महाप्रबन्धक जगतसिंह राठौड़ ने बताया कि नवरात्रा के समय प्रशासन के निर्देशानुसार मंदिर के द्वार प्रात: सात बजे से खोले जाएंगे इसलिए माताजी के दर्शन के लिए दर्शनार्थी प्रात: सात बजे से सायं पांच बजे तक मेहरानगढ़ में प्रवेश कर सकेंगे। उसके पश्चात प्रवेश निषेध व वर्जित रहेगा। सतवर्ती पाठ का संकल्प और स्थापना का मुहूर्त दोपहर 12.10 से 12.50 के बीच का निकला है। जोधपुर राजपरिवार की इष्ट देवी मां चामुण्डा की पूजा अर्चना करने के लिए पूर्व नरेश गजसिंह, हेमलता राज्ये उपस्थित रहेंगे। घनश्याम त्रिवेदी ब्रह्म मुहूर्त में मां चामुण्डा,मां कालका, मां सरस्वती एवं बच्छराज की मूर्तियों को पवित्र जल से स्नान कराएंगे और लाल रंग की कोर तुर्रियाँ लगी पोषाक धारण करवाएंगे। प्रातःकाल मंदिर के शिखर पर मुख्य ध्वजा चढ़ाई जाएगी और चारों दिशाओं में छोटी-छोटी ध्वजाएं चढ़ाई जाएगी।

26 से शुरू हो जाएगा दुर्गापाठ का वाचन

चामुण्डा मंदिर के पास उपासनालय कक्ष में नौ वेदपाठी ब्राह्मण स्थापना से नवमी (26 सितम्बर से 4 अक्टूबर) तक दुर्गापाठ का वाचन करेंगे। तीन अक्टूबर को अष्टमी की रात हवन प्रारंभ किया जाएगा जिसकी पूर्ण आहुति महानवमी चार अक्टूबर को दोपहर 12.10 से 12.40 बजे के बीच में पूर्व नरेश गजसिंह एवं हेमलता राज्ये द्वारा की जाएगी। महानवमी 4 अक्टूबर को दोपहर 12.50 से 1.05 से थापना के उत्थापना का मुहूर्त एवं 12.40 से 12.50 के बीच पूर्व नरेश गजसिंह की तिलक आरती होगी।

इस तरह रहेगी प्रवेश की व्यवस्था

प्रशासन के सुझावानुसार सभी व्यवस्थाओं को अन्तिम रूप दिया जा रहा है। जयपोल के बाहर से ही एक पंक्ति में लाईनों की व्यवस्था की जाएगी जो मंदिर तक रहेगी तथा डीएफएमडी. गेट से ही जयपोल व फतेहपोल से दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। पट्टे पर महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों, दिव्यांगों के लिए आने-जाने की व्यवस्था रहेगी और वे वहीं से जाएंगे और वहीं से आएंगे। इसी प्रकार पुरुषों एवं युवाओं के लिए सलीम कोट से होते हुए बसन्त सागर से आने-जाने की व्यवस्था रहेगी। इन सभी स्थानों पर बेरिकेड्स लगाने का कार्य जल्द ही प्रारम्भ किया जाएगा।

एंबुलैंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था

एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की जा रही है जो जयपोल के बाहर तैनात रहेगी। इसी प्रकार ट्रस्ट की ओर से भी एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी तथा एम्बुलेंस जीप ऊपर पट्ठे के पास तैनात रहेगी। इसी प्रकार चिकित्सा सेवाओं में ट्रस्ट की तरफ से भी डॉक्टर एवं कम्पाउडर की नियुक्ति की जाएगी जो नवरात्रा के दौरान सभी आवश्यक उपकरणों एवं मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्थाओं के साथ उपस्थित रहेंगे।

शराब पर रहेगा प्रतिबंध

प्रथम दिन से अंतिम दिन तक दर्शनार्थियों का शराब साथ लाना व शराब पीकर प्रवेश करना निषेध रहेगा। प्रसाद चढ़ाने के लिए बसन्त सागर पर महामृत्युंजय मूर्ति वाले मार्ग पर पुरुषों के लिए एवं पट्ठे पर महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था रहेगी। जहां पर अतिरिक्त ब्राह्मणों की व्यवस्था प्रसाद चढ़ाने हेतु होगी जिससे मंदिर परिसर में भक्तगण केवल मां के दर्शन कर पुन: लौट सकेंगे। नारियल बड़ा करने के लिए महिलाओं के लिए पट्टे पर ही व्यवस्था होगी और पुरुषों के लिए बसन्त सागर के पास व्यवस्था होगी।

सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम लगेगा

सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलग-अलग स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं जो विभिन्न स्थानों पर दर्शनार्थियों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर रखेंगे। इसके साथ ही दो कंट्रोल रूम की भी स्थापना की जाएगी।

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