लड़की ने बताई बालिका गृह में अव्यवस्थाएं,सुनवाई अब 14 जनवरी को
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
जोधपुर, राजस्थान हाईकोर्ट में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के बाद बालिका गृह भेजी गई लडक़ी ने हाईकोर्ट में आकर वहां भोजन व पेयजल समेत अन्य बदइंतजामी के बारे में जानकारी दी। जस्टिस संदीप मेहता व समीर जैन की खंडपीठ ने इसे गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को इसमें सुधार के आदेश दिए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को मुकर्रर की है। याचिकाकर्ता संगीता की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमित्र डॉ. नूपुर भाटी भी मौजूद थीं। दो दिन पहले कॉरपस युवती को बालिका गृह भेजा गया था। जब वह वापस सुनवाई के लिए हाईकोर्ट आईं तो उसने कोर्ट के समक्ष बालिका गृह में पौष्टिक भोजन नहीं होने की शिकायत की।
गंदे पानी व हाइजीन की कमी, सुधार के निर्देश
लडक़ी ने अवगत कराया कि गंदे पानी व हाइजीन की कमी है। कोर्ट ने इसमें सुधार के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा एएजी पंकज शर्मा ने कोर्ट को बताया कि बालिका गृह में 24 घंटे के लिए दो एएनएम की नियुक्ति कर दी गई है। एएजी अनिल कुमार गौड़ ने कोर्ट के ध्यान में लाया कि नारी निकेतनों व बालिका गृहों में दान की गई एंबुलेंस के ड्राइवर नियुक्त करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने यह प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के लिए कहा है।
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