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महाकवि कालिदास के सन्देश सार्वभौमिक है-प्रो कौशल

कालीदास जयंती

जोधपुर, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में दवोत्थानी एकादशी के अवसर पर कालिदास जयंती का आयोजन हुआ। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मंगलाराम ने महाकवि कालिदास की रचनाओं के संदेश की विशेषताओं को रेखांकित किया। प्रो. सरोज कौशल ने महाकवि कालिदास के ग्रन्थों मेघदूत, अभिज्ञानशाकुन्तलम, रघुवंशम, कुमारसम्भवम आदि ग्रन्थों की सूक्तियाँ बताकर उनकी व्याख्या की। पात्रों के चारित्रिक उत्कर्ष से कवि ने मानव-जीवन का मार्ग बताया है।

कालिदास ने प्रकृति को भी मानव के समान निरूपित कर पर्यावरण- सम्वेदना का उच्च आदर्श प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा प्रयुक्त अलंकार न केवल साहित्य में सौन्दर्य की वृद्धि करते हैं अपितु वे जीवन में भी सौन्दर्य का संवर्धन करते हैं। मधुर आकृति वालों के लिए कौनसा पदार्थ आभूषण नहीं बन जाता है। यह सौन्दर्य लक्षण कृत्रिमता का खण्डन करता है।

डॉ.पुष्पा गुप्ता ने महाकवि कालिदास के द्वारा किये गये ऋतु-वर्णन शकुन्तला तथा पार्वती के उत्कृष्ट चरित्र का उदाहरण देते हुए स्त्री सशक्तिकरण की कालिदासीय व्याख्या की। इस अवसर पर डॉ. गुप्ता ने कालिदास पर स्वरचित कविता भी सुनाई। कार्यक्रम में विभाग के यादराम मीना के साथ विद्यार्थी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

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