गुरू जंभेश्वर के नियम संपूर्ण विश्व मानवता के लिए कल्याणकारी: जस्टिस फरजंद अली
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में गुरु जंभेश्वर की पर्यावरणीय दृष्टि पर हुआ मंथन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),गुरू जंभेश्वर के नियम संपूर्ण विश्व मानवता के लिए कल्याणकारी: जस्टिस फरजंद अली। खेजड़ली की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण को लेकर देश-विदेश के विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों,शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने गंभीर चिंतन-मंथन किया।
सम्मेलन का आयोजन जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की गुरु जंभेश्वर पर्यावरण संरक्षण शोध पीठ,खेजड़ली शहीदी राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान एवं विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महंत शिवदास शास्त्री एव आचार्य सच्चिदानन्द के सान्निध्य में उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में जस्टिस फरजंद अली ने इस बात पर विशेष बल दिया गया कि आज विश्व जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, मरुस्थलीकरण,जल संकट,वनों के क्षरण तथा जैव विविधता में कमी जैसी गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है।
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ऐसे समय में भारतीय परंपरा में निहित प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवन-दृष्टि और स्थानीय समुदायों के पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोडक़र समाधान तलाशने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो पवन कुमार शर्मा ने कहा कि गुरु जंभेश्वर की शिक्षाएं केवल धार्मिक अथवा आध्यात्मिक संदर्भ तक सीमित नहीं हैं,बल्कि उनमें जल,जंगल,जीव- जंतु और वनस्पतियों के संरक्षण की व्यापक जीवन-दृष्टि दिखाई देती है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो डॉ स्वामी सच्चिदानंद आचार्य ने अपने उद्बोधन में गुरु जाम्भो की वाणी को विश्व मानवता के लिए कल्याणकारी बताते हुए उनके द्वारा दिए गए सिद्धांतों की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की। सेमिनार में पर्यावरण के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले पद्मश्री हिम्मताराम भांभू एवं डॉ दीप नारायण पांडे को संयुक्त रूप से गुरु जम्भेश्वर पर्यावरण संरक्षण पुरस्कार, प्रोफ़ेसर संजय के शर्मा को अमृता देवी वृक्ष मित्र पुरस्कार तथा के एच फाउंडेशन फ़ाउंडेशन को प्रोफ़ेसर जेताराम विश्नोई स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी में खेजड़ली शहीदी राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान के अध्यक्ष मलखान सिंह विश्नोई, कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो वीरेन्द्र सिंह जैतावत, आईपीएस देवेन्द्र विश्नोई, प्रोफ़ेसर संजय के शर्मा डॉ दीप नारायण पांडे, कार्लोस नोब्रे, फ्रैंक वोगल, डॉ सुमित डुकिया,आईपी एस अशोक,कर्नल बलदेव चौधरी,रामावतार प्रो ज्ञान सिंह शेखावत सहित कई पर्यावरण विदों एवं शोधार्थियों ने अपने व्याख्यान में खेजड़ली के ऐतिहासिक पर्यावरण बलिदान को विश्व के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बताया गया।
कार्यक्रम में सभी उपस्थित विद्वानों का गुरु जम्भेश्वर शोधपीठ के निदेशक डॉ ओपी विश्नोई ने स्वागत किया। प्रो प्रवीण गहलोत ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
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