पॉलीटेक्निक कॉलेज में किया सघन वृक्षारोपण
अजमेर(दूरदृष्टीन्यूज),पॉलीटेक्निक कॉलेज में किया सघन वृक्षारोपण। राजकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय अजमेर परिसर में एक अभिनव एवं सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण जैव विविधता संवर्धन तथा हरित परिसर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष व अजमेर विधायक वासुदेव देवनानी ने किया। उनके नेतृत्व में महाविद्यालय परिसर में लगभग 250 फीट लंबी एवं 6 फीट चौड़ी पट्टी पर करीब 500 पौधे 1.5 फीट की दूरी पर जिगजैग पद्धति से लगाए गये।
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इनकी थी सहभागिता:-
कार्यक्रम में संस्थान के समस्त नियमित छात्र- छात्राएं अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वृक्षारोपण कार्य का मार्गदर्शन विनोद मेलाना पर्यावरण विद् अपना संस्थान (अमृता देवी पर्यावरण नागरिक संसथान) द्वारा किया गया। जिनके निर्देशन में पूरे कार्य की वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से योजना बनाई गई। इसके अतिरिक्त ’विज्ञान भारती अजयमेरु के महानगर के अध्यक्ष पीराराम सोनी का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
एसे किया वृक्षारोपण:-
प्रथम चरण-इस विशेष वृक्षारोपण हेतु सर्वप्रथम लगभग 250 फीट लंबी,8 फीट चौड़ी एवं 3 फीट गहरी खाई तैयार की गई। इसके पश्चात खाई में भूमि की उर्वरता एवं नमी संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इसमें कोकोपीट नारियल के छिलके का जैविक अवशेष तथा संस्थान परिसर से एकत्रित सूखी पत्तियों को मल्चिंग सामग्री के रूप में डाला गया। इसके बाद पुनः मिट्टी भरकर भूमि को समतल एवं पौधारोपण योग्य बनाया गया।
द्वितीय चरण-अगले चरण में दोनों ओर लगभग 1-1 फीट का स्थान छोड़ते हुए 6 फीट चौड़ी मुख्य पट्टी विकसित की गई जिसमें लगभग 125 क्षैतिज पंक्तियां बनाई गईं। पौधारोपण की संरचना इस प्रकार रखी गई की पहली पंक्ति में 5 पौधे, अगली पंक्ति में 4 पौधे और इसी क्रम को निरंतर दोहराते हुए पौधों को जिगजैग स्वरूप में लगाया जा रहा है, जिससे पौधों के विकास हेतु पर्याप्त स्थान एवं आकर्षक हरित संरचना तैयार हो सके।
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विविध प्रजातियों का चयन:-
इस अभियान में लगभग 35 प्रकार की प्रजातियों के पौधे शामिल किए गए, जिनमें फूलदार फलदार तथा छायादार वृक्ष तीनों प्रकार सम्मिलित हैं। विशेष ध्यान रखा गया कि एक जैसी प्रजाति के पौधे पास-पास न लगाए जाएं जिससे जैव विविधता बनी रहे तथा परिसर अधिक प्राकृतिक एवं संतुलित दिखाई दे।
सिंचाई व्यवस्था:-
पौधों की नियमित सिंचाई हेतु पट्टी के दोनों ओर छोड़े गए 1 फीट स्थान में पाइप लाइन बिछाई गई है जिससे सभी पौधों तक समान रूप से जल पहुंच सके।
प्रमुख योगदान:-
इस संपूर्ण कार्य में विनोद मेलाना का विशेष मार्गदर्शन रहा। संस्थान की ओर से पर्यावरण प्रभारी सुरेश खींची तथा मीना चौधरी के नेतृत्व में टीम द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान भारती राजस्थान के क्षेत्र संरक्षक पुरूषोत्तम पराजंपे ने की तथा औपचारिक धन्यवाद प्राचार्य गोविन्द नारायण पारीक ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रियंका पाठक ने किया।
इसके अतिरिक्त महाविद्यालय के सभी अधिकारियों,कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने अत्यंत रुचिपूर्वक सहभागिता निभाई। यह गतिविधि छात्र-छात्राओं की स्टूडेंट सेंटर्ड एक्टिविटी के अंतर्गत भी एक सार्थक एवं व्यावहारिक पहल के रूप में क्रियान्वित की गई।
